हिमाचल प्रदेश में चिकित्सकों को पर्ची पर जेनेरिक दवाइयां लिखने के आदेश पर सांसद शांता कुमार ने स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की सराहना की है। कहा कि पर्ची पर जेनेरिक दवाइयां लिखने से प्रदेश में गरीबों को लाभ होगा।
पूर्व में तीन साल पहले केंद्र में कांग्रेस सरकार के समय वह संसद की वाणिज्य स्थायी समिति के रहे अध्यक्ष के समय भी समिति इसकी सिफारिश कर चुके हैं। भारत में बनी कैंसर की दवाई सात हजार सात सौ रुपये में बिकती है।
वहीं विदेशी दवाई दो लाख 80 हजार में बिकती है। उन्होंने कहा कि कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकार का एक वाक्य का नियम करोड़ों गरीबों को सस्ती दवाई देगा। सरकार कानून से यह बाध्यता करे कि चिकित्सक रोगी की पर्ची पर केवल जेनेरिक दवाई ही लिखें।