पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि आज की पीढ़ी को परिवार से संस्कार नहीं मिलते और समाज में भयंकर नशे का प्रकोप है। चंबा में एक स्कूल के बाहर नशे में धुत पड़े मुख्याध्यापक का फोटो लाखों लोगों ने देखा।
पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई यह है कि नई पीढ़ी संस्कार विहीन हो गई है। बच्चे को सबसे पहले परिवार संस्कार देता था। अब बच्चे के हाथ में मोबाइल के कारण माता-पिता के पास न तो बैठने का समय है और न ही उनसे कुछ सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को परिवार से संस्कार नहीं मिलते और समाज में भयंकर नशे का प्रकोप है। चंबा में एक स्कूल के बाहर नशे में धुत पड़े मुख्याध्यापक का फोटो लाखों लोगों ने देखा।
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हमीरपुर एनआईटी में एक छात्र की भी नशे के कारण मौत हो गई। इन सब घटनाओं से भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है। शांता ने प्रदेश में बढ़ते नशे के प्रकोप के संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के सुझाव को अत्यंत जरूरी और विचारणीय बताया है। उन्होंने कहा कि नशे के साथ मोबाइल के नशे ने मिलकर इसे और भी भयंकर बनाया है। समय रहते समाज और सरकार ने उचित कार्रवाई नहीं की तो भविष्य में पछताना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अपराधियों को अधिक सजा का प्रावधान होना चाहिए। सबसे अधिक थोक नशा सप्लाई करने वालों को पकड़ा जाना चाहिए।