नोटबंदी मामले में लोकसभा में विपक्ष के हंगामे से भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार आहत हैं। उन्होंने कहा कि अब सदन और सड़क पर कोई फर्क नहीं रह गया है। सदन में सांसद ऐसे चिल्लाते हैं, जैसे गली-माहौलों में छोटे बच्चे।
वीरवार को जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, पूरा विपक्ष नारे लगाते हुए खड़ा हो गया। धीरे-धीरे अध्यक्ष के सामने घेरा डाल लिया। यह दृश्य अब आम होने लगा है। सड़क पर जिस प्रकार से नारेबाजी होती है, वही अब लोकसभा में होने लगी है।
नारे लगाते थक गए तो शोर मचाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि यह सब देख कर शर्म आई। गली में खेलते हुए बच्चे जैसे हू-हू करके चिल्लाते हैं, ऐसा दृश्य विश्व के सबसे बडे़ लोकतंत्र की सबसे बड़ी प्रतिनिधि संस्था में हो रहा था। यह भारतीय लोकतंत्र के अवमूल्यन की चरम सीमा है।