एसएफआई और डीवाईएफआई के कार्यकर्ताओं ने सरकार की छात्र और युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ शिमला के चौड़ा मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा का घेराव करने पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की। दूसरी ओर खड़े पुलिस कर्मियों को इन्हें रोकने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान हल्की झड़प भी हो गई। चौड़ा मैदान शिमला में कार्यकर्ताओं ने 12:30 बजे से 2:30 बजे तक धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
एसएफआई के राज्य अध्यक्ष रमन थारटा और राज्य सचिव अमित ठाकुर, नौजवान सभा राज्य उपाध्यक्ष महेंद्र राणा, राज्य अध्यक्ष सुरेश सरवाल, एसएफआई के अखिल भारतीय सह सचिव दीनित धेंटा ने कहा कि यह जयराम सरकार की विदाई का प्रदर्शन है। प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है। सरकार के पास इससे निपटने को कोई स्थायी नीति नहीं है। हिमाचल प्रदेश में बेरोजगारी दर 20.3 प्रतिशत पहुंच गई है। इस सरकार के कार्यकाल में जो भर्तियां हुई हैं, अधिकतर विवादों में फंसी रहीं।
सरकार ने आउटसोर्स भर्ती में चहेतों के लिए नौकरी के द्वार खोले। एचपीयू में अयोग्य लोगों की भर्तियां कीं और योग्य लोगों को बाहर किया गया। स्कूलों और कॉलेजों में पीटीए फंड के नाम पर लूट हुई। स्कूल, कॉलेजों में हजारों पद तक नहीं भरे जा सके। सरकार बिना तैयारी नई शिक्षा नीति लागू कर शिक्षा का भगवाकरण करने जा रही है। कार्यकर्ताओं ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने, पीटीए फंड के नाम पर लूट बंद करने, शिक्षक, गैर शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नाम पर शिक्षा का भगवाकरण न कर, भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की।