शिमला। शहर के हजारों छोटे पेयजल उपभोक्ताओं को इस बार पानी का ज्यादा बिल चुकाना पडे़गा। पेयजल कंपनी ने पानी बिल के साथ इस बार प्रतिमाह न्यूनतम सौ रुपये सीवरेज सेस वसूलना शुरू कर दिया है।
अब तक कुल पानी बिल पर 30 फीसदी सेस वसूला जा रहा था। छोटे उपभोक्ता जिनका बिल कम आ रहा था, उन्हें 30 फीसदी सेस देना पड़ता था। लेकिन अब न्यूनतम सौ रुपये सेस चुकाना ही पड़ेगा। पेयजल कंपनी ने शहर के कई वार्डों में सितंबर 2018 से लेकर अप्रैल 2019 तक के बिल जारी कर दिए हैं। इसमें पहली बार न्यूनतम सौ रुपये सेस भी लगाया गया है। शहर के सभी छोटे पेयजल उपभोक्ता इसके दायरे में आएंगे। कई उपभोक्ता ऐसे भी हैं जिनका सात महीने का पानी बिल 700 रुपये है लेकिन सौ रुपये प्रतिमाह सेस के साथ इनका कुल बिल अब 1400 रुपये पहुंच गया है। पहले इन उपभोक्ताओं का बिल 30 फीसदी सेस मिलाकर 900 के करीब आता था। शहर में पानी के 24 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनमें करीब 10 हजार छोटे उपभोक्ता हैं। अचानक ज्यादा बिल आने से लोगों में आक्रोश है। कई लोग कंपनी और वार्ड कार्यालयों में पहुंच रहे हैं।
अप्रैल 2018 से लागू होनी थी अधिसूचना
नगर निगम सदन ने पिछले साल ही न्यूनतम सेस सौ रुपये प्रतिमाह करने को मंजूरी दे दी थी। इसकी अधिसूचना भी पिछले साल अप्रैल से ही लागू होनी थी लेकिन, पेयजल कंपनी इसे लागू करना ही भूल गई। इस साल मार्च में शहरवासियों को जो पांच माह के बिल जारी किए गए, उनमें सौ रुपये न्यूनतम सेस की जगह 30 फीसदी सेस लिया गया। जिनका मासिक पानी बिल 100 रुपये था, उनसे सीवरेज सेस 30 रुपये लिया गया। लेकिन, इस बार जिनका बिल 100 रुपये आएगा, उन्हें न्यूनतम सेस भी 100 रुपये चुकाना होगा। छोटे उपभोक्ताओं के लिए राहत यह है कि कंपनी पिछला बकाया नहीं लेगी। हालांकि, बड़े उपभोक्ताओं पर यह लागू नहीं होगा। जिनका मासिक बिल 300 रुपये से ज्यादा आ रहा है, उनसे 30 फीसदी की दर से वसूला जाएगा।
यह नया फैसला नहीं है। सदन के फैसले के अनुसार ही न्यूनतम सीवरेज सेस सौ रुपये प्रतिमाह की दर से लिया जा रहा है। पिछले बिलों में कंपनी इसे लागू नहीं कर पाई थी, लेकिन इस बार इसे लागू किया गया है।
धर्मेंद्र गिल, प्रबंध निदेशक पेयजल कंपनी