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गोविंद सागर में भयंकर तूफान, दो मोटरबोट पलटे, दो डूबे

Tue, 26 May 2015 11:19 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, स्वारघाट (बिलासपुर)
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गोबिंदसागर झील में भयंकर तूफान ने हलचल मचा दी। हादसे में दो मोटरबोट पलट गईं जबकि दो बाल-बाल बच गईं। हादसे में मोटरबोट पर सवार दो लोग डूब गए। तलाशी अभियान जारी है।  
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मंगलवार देर शाम आए भयंकर तूफान ने गोबिंदसागर झील में भी हलचल मचा दी। इससे दो मोटरबोट पलट गईं जबकि दो बाल-बाल बच गईं। हादसे में मोटरबोट पर सवार दो लोग डूब गए, जबकि दो अन्य तैरकर किनारे पहुंचे और अपनी जान बचाई।

डूबने वालों में एक बोट का मालिक और चालक जबकि दूसरा स्थानीय निवासी बताया जा रहा है। जो दो बोट पलटने से बाल-बाल बचे उसमें लगभग 50 सवारियां थीं। जिनमें अधिकतर बच्चे थे।
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भार ज्यादा होने के चलते वे पलट नहीं पाईं। घटना की सूचना मिलते ही स्वारघाट थाना से पुलिस का दल और तहसीलदार मौके पर पहुंच गए हैं। झील में डूबे लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑप्रेशन छेड़ दिया गया है।

देर शाम को एक शव बरामद कर लिया है। तलाशी अभियान जारी था। दोनों बोट पानी में डूब गई हैं, प्रशासन उन्हें सुबह ही निकालेगा।

मंगलवार शाम लगभग पांच बजे बिलासपुर में तेज तूफान आया। इस दौरान बिलासपुर से ज्योरिपतन की ओर जा रहा एक मोटर बोट अचानक तूफान में डगमगा गया। झील के बीचों बीच यह डगमगाने लगा।
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एक शव बरामद, सर्च ऑपरेशन जारी

मोटरबोट में इसका मालिक राजेश, दो सवारी सुभाष व सुनील सवार थे। ज्योरिपतन घाट किनारे अपने बोट में बैठे रामदास ने उसे बचाने के लिए अपनी बोट बीच झील की ओर मोड़ दी। लेकिन, तेज हवाओं के चलते दोनों बोट झील में पलट गईं।

हादसे में मरोत्तन क्षेत्र के बल्ह चलोग निवासी 28 वर्षीय सुनील और मदद के लिए आया बोट मालिक रबैंस (धन्नड़) निवासी रामदास गोविंद सागर में डूब गए। हालांकि, अभी तक उनके शव बरामद नहीं हो पाए हैं।

राजेश व सुभाष किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल गए। अंधेरे के कारण सर्च ऑप्रेशन में बाधा आ गई। एसएचओ कर्म सिंह ने बताया कि बीबीएमबी और अग्निशमन विभाग को सूचित कर दिया गया है।

सुबह बीबीएमबी से गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच जाएगी। जबकि अग्निशमन केंद्र से वाहन मौके के लिए निकल चुके हैं।
उधर, धौलरा मंदिर में मन्नत पूरी होने के बाद वापस पंगवाड़ा लौट रहे दो अन्य बोट का संतुलन भी बीच झील में अचानक गड़बड़ा गया। दोनों बोटों में 25-25 सवारियां थी। सौभाग्य यह रहा कि दोनों बोट की सवारियां बाल-बाल बच गईं।
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