कानून बनने के आठ साल बाद राज्य परिवहन विभाग को पब्लिक सर्विस की गारंटी देने की याद आई। कानून 2011 में बन गया था, परिवहन विभाग ने अब अधिसूचित की हैं। मंगलवार को जारी हुई अधिसूचना के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) को पांच दिन के भीतर किसी भी आवेदक को उसके वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र देना होगा।
इसी तरह से रूट परमिट जारी करने और नवीकरण करने की प्रक्रिया को भी दो दिन के भीतर पूरा करना होगा। ऐसा न करने पर पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के प्रावधान के मुताबिक पेनल्टी लगेगी।
हिमाचल सरकार ने पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत ये तीन सेवाएं अधिसूचित की हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2011 के बनाए पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत ही इसकी अधिसूचना जारी की है। इसमें साफ किया गया है कि किसी भी आरटीओ को रूट परमिट कंप्लीट पेपर जमा करने से दो कार्य दिवसों के भीतर जारी करने होंगे। रिन्यूनल के परमिट भी ऐसे ही दो दिन में जारी करने अनिवार्य होंगे।
इसके अलावा वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र भी पूरे दस्तावेजों और अनिवार्य औपचारिकताओं को पूरा करने के पांच दिन में जारी करने होंगे। अनिवार्य औपचारिकताओं में फीस, लेट फीस और अन्य आवश्यकताएं भी पूरी करनी होंगी। वहीं, प्रधान सचिव परिवहन जेसी शर्मा ने बताया कि वह रिकार्ड देखने के बाद ही कुछ बता पाएंगे। हो सकता है कि इसमें कोई संशोधन किया गया हो।
कहां कर सकेंगे अपील
अगर निर्धारित समय में इन तीनों सेवाओं का लाभ नहीं दिया गया तो इस संबंध में अपील की जा सकेगी। पहली अपील अतिरिक्त परिवहन आयुक्त के पास होगी, जबकि दूसरी अपील निदेशक परिवहन के पास की जा सकेगी।