विवि की ईसी की बैठक में लिया फैसला, आउटसोर्स भर्तियों की 31 मार्च तक सौंपी जाएगी रिपोर्ट
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गैर शिक्षक कर्मचारियों के 300 पदों को भरने की शुरू होगी प्रक्रिया अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पूर्व कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के कार्यकाल से लेकर अब तक आउटसोर्स आधार पर भर्ती किए 196 से अधिक कर्मचारियों की सेवाओं पर मंडरा रहा खतरा जून माह तक टल गया है।
हिमाचल प्रदेश विवि की कार्यकारिणी परिषद की वीरवार को हुई बैठक में आउटसोर्स कर्मियों की सेवाओं को 30 जून तक जारी रखने का निर्णय लिया है। ईसी की मंजूरी के बाद जून तक इन कर्मियों को वेतन मिलता रहेगा। इसके बाद ही विवि में रिक्त पड़े गैर शिक्षकों के पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने पर कोई निर्णय हो सकेगा। इनमें 2020 में विज्ञापित किए गैर शिक्षकों के करीब 273 पदों के अलावा सेवानिवृत्ति के कारण अब तक खाली हुए तीन सौ कर्मचारियों की नियमित भर्ती का मामला अब जून तक अटक गया है।
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आउटसोर्स भर्तियों के लगातार हो रहे विरोध और नियमित भर्ती की उठ रही मांग के बावजूद वीरवार को कार्यकारिणी परिषद की बैठक में कमेटी ने आउटसोर्स भर्तियों को लेकर अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इस पर ईसी ने कमेटी को 31 मार्च तक आउटसोर्स भर्ती की प्रक्रिया, इसको लेकर हुए करार, सेवा शर्तों, आउटसोर्स कर्मियों की संख्या का पूरा ब्योरा मांगा है। रिपोर्ट में आउटसोर्स से जुड़े सभी तथ्य शामिल किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार बैठक में आउटसोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे कर्मियों को वर्तमान में सौंपी जिम्मेदारियों और कार्यों के बारे में चर्चा की गई। बैठक में यह भी सवाल उठा कि जब अधिकतर कार्य आउटसोर्स के जिम्मे है तो फिर नियमित स्टाफ क्या कार्य कर रहा है। बैठक में नियमित भर्तियों पर जून के बाद ही कोई फैसला लिए जाने की बात हुई है।
लोस चुनाव के चलते लिया पहले फैसला लोक सभा चुनाव के मद्देनजर लागू होने वाली आदर्श चुनाव आचार संहिता को देखते हुए आउटसोर्स कर्मियों की सेवाओं को जून माह तक जारी रखने का निर्णय हुआ है। इनका वेतन पहले की तरह जारी होता रहेगा। संहिता लागू हो जाने पर ईसी ऐसे निर्णय नहीं ले पाएगी। इसलिए ईसी का सेवाएं जारी रखने का निर्णय आउटसोर्स कर्मियों के लिए राहत देने वाला है। नियमित भर्तियों की मांग कर रहे विवि कर्मचारियों को भर्तियां शुरू होने का इंतजार करना पड़ेगा।