आपको फोन पर लंबी बात करने की आदत है तो संभल जाइए। सर्विस टैक्स बढ़ने के कारण एक अप्रैल से फोन पर बात करना महंगा हो जाएगा।
लैंड लाइन फोन उपभोक्ताओं को बिल पर 12 के स्थान पर 14 फीसदी सर्विस टैक्स चुकाना होगा, जबकि मोबाइल उपभोक्ताओं को रिचार्ज कूपन पर पहले के मुकाबले कम टॉक वैल्यू मिलेगी। टेलीकॉम कंपनियों ने बढ़े हुए सर्विस टैक्स के आधार पर फोन बिलों की वसूली की कवायद शुरू कर दी है।
आम बजट में सर्विस टैक्स 12.36 से बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया है। सर्विस टैक्स बढ़ने का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। टेलीफोन सेवा प्रदाता कंपनियां पहली अप्रैल से बढ़ी हुई दरों पर सर्विस टैक्स की वसूली करेंगी।
अब बीएसएनएल लेगा 14 फीसदी सर्विस टैक्स
हिमाचल की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी बीएसएनएल अपने उपभोक्ताओं से अभी तक 12 फीसदी सर्विस टैक्स, 2 फीसदी एजूकेशन सेस और 1 फीसदी हायर एजूकेशन सेस वसूलती थी।
लेकिन पहली अप्रैल से 14 फीसदी सर्विस टैक्स वसूला जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं के फोन बिल में बढ़ोतरी होगी। उधर बीएसएनएल के मोबाइल उपभोक्ताओं पर भी सर्विस टैक्स बढ़ने का सीधा बोझ पड़ेगा।
उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले रिचार्ज करने पर कम टॉक वैल्यू मिलेगी। पोस्ट पेड उपभोक्ताओं के फोन बिल पर भी सर्विस टैक्स का बोझ बढ़ेगा।
टॉपअप पर घट जाएगी टॉक वैल्यू
बीएसएनएल का 100 रुपये का रिचार्ज करने पर अब आपको 87.64 रुपये के स्थान पर 86 रुपये टॉक वैल्यू मिलेगी। अभी तक बीएसएनएल 100 रुपये का रिचार्ज करने पर 12.36 रुपये बतौर सर्विस टैक्स काटता था। अब 100 रुपये के रिचार्ज कूपन पर
1000 रुपये बिल पर 20 रुपये अतिरिक्त
आपका लैंड लाइन फोन का बिल यदि 1000 रुपये आता है, तो अब बढ़कर 1140 रुपये हो जाएगा। अभी तक बीएसएनएल 1000 रुपये के बिल पर 12 फीसदी सर्विस टैक्स वसूलता था।
1000 रुपये पर 120 रुपये सर्विस टैक्स लगता था। अब 14 फीसदी के हिसाब से 20 रुपये अधिक यानी 140 रुपये टैक्स देना होगा।