प्रदेश में 31 मार्च और 30 सितंबर को पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले दिहाड़ीदार अथवा आकस्मिक कामगार नियमित होेंगे। माना जा रहा है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता की संभावना को देखते हुए सरकार ने इसकी अधिसूचना समय से पूर्व जारी कर दी है, जबकि नई व्यवस्था एक अप्रैल से लागू होगी।
यह लाभ उन दिहाड़ीदारों को मिलेगा, जिन्होंने लगातार सेवा के पांच साल पूरे कर दिए हैं।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह अनिवार्य होगा कि एक कैलेंडर वर्ष में सेवाकाल के 240 दिन पूरे हों। यह भी साफ है कि दिहाड़ीदारों की नियमितीकरण की इस प्रक्रिया में कोई भी नया पद सृजित नहीं किया जाएगा। यह नियमितीकरण विभागों के पास बजट की उपलब्धता के अनुसार होगा। ऐसे दिहाड़ीदारों को भी राहत दी जाएगी, जिन्हें रोजगार केंद्रों की संस्तुति के बगैर ही नियमित किया गया है।