शिमला। जिला अदालत ने चेक बाउंस मामले में दोषी सुरेश ठाकुर को एक वर्ष छह महीने कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ 70 हजार का जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं। जुर्माना राशि अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायालय के कोर्ट नंबर-3 न्यायाधीश प्रतिभा नेगी की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले का निपटारा करते हुए मनोज शर्मा की शिकायत पर दोषी को यह सजा सुनाई। मामले में मई 2015 को दोषी सुरेश ठाकुर ने शिकायतकर्ता से 35 हजार की राशि उधार ली थी। 29 सितंबर, 2015 को दोषी ने पंजाब नेशनल बैंक शाखा घोड़ाचौकी का एक चेक उधार राशि चुकाने के लिए दिया। इस दौरान दोषी के बैंक खाते में पैसे न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इस पर दोषी को 8 दिसंबर, 2015 को लीगल नोटिस जारी किया, लेकिन दोषी तय समय के भीतर ऋण नहीं चुका पाया, जिस पर शिकायतकर्ता ने दोषी के खिलाफ अदालत में शिकायत दर्ज करवाई थी। मंगलवार को मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने दोषी को सजा सुनाई है।