परेशानी शिमला के आईजीएमसी में सोमवार को पनी बारी के इंतजार में बैठे मरीज। फोटो अमर उजाला
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) की ईएनटी (आंख, नाक और गले) की ओपीडी में दोपहर ढाई बजे के बाद वरिष्ठ डॉक्टर नहीं आए। इस कारण मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कुछ मरीज जहां बिना उपचार के घर लौट गए वहीं कुछ मरीजों ने जूनियर डॉक्टरों से परामर्श लिया।
दोपहर बाद हालांकि ओपीडी में भीड़ भी ज्यादा नहीं थी लेकिन इसके बावजूद वरिष्ठ डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठे। ओपीडी में हालांकि जूनियर डॉक्टर बैठे थे लेकिन इंतजार कर रहे मरीजों ने कहा कि वरिष्ठ डॉक्टरों से उपचार करवाना है तो जूनियर को क्यों दिखाएं? कुछ मरीजों ने वरिष्ठ डॉक्टरों के ओपीडी में न बैठने की शिकायत अस्पताल प्रबंधन से भी कर दी है। ओपीडी के बाहर आधे घंटे तक डॉक्टरों का इंतजार करने के बाद मरीज वहां से चले गए।
दोपहर से पहले हालांकि ओपीडी में मरीजों का उपचार हुआ लेकिन बाद में आए मरीजों को वरिष्ठ डॉक्टर नहीं मिले। मंडी से आई नेहा ने बताया कि उनके तीमारदार को नाक में दिक्कत है। वरिष्ठ डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठे हैं। अब बिना इलाज करवाए ही लौटना पड़ेगा। सुदीप ने बताया कि उन्हें भी ओपीडी में वरिष्ठ डॉक्टर नहीं मिले। मरीज को अब बिना उपचार करवाए ही यहां से ले जाना पड़ेगा। आईजीएमसी में सोमवार को सुबह के समय मरीजों की भारी भीड़ थी। शाम तक सभी ओपीडी में 3780 मरीजों ने उपचार करवाया। इनमें 3668 जनरल मरीज थे। 112 मरीज आपात स्थिति में उपचार के लिए आए थे।
डॉक्टरों के खिलाफ मिली है शिकायत : डॉ. राहुल
आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि ईएनटी ओपीडी में दोपहर बाद वरिष्ठ डॉक्टरों के न बैठने की शिकायत मिली है। मरीजों को भविष्य में परेशानी न हो इस बारे में कदम उठाए जाएंगे।