जेपी नड्डा के बैनर पर पहली बार शांता-धूमल के फोटो न होने से सियासत में अब इसके कई मायने निकलने शुरू हो गए हैं। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं के अंदर यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या भाजपा 2022 मिशन रिपीट बिना शांता और धूमल के करना चाहती है।
शुक्रवार को नगरोटा बगवां में आ रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के स्वागत में भले ही जिले के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जान लगा दी है। लेकिन, जेपी नड्डा के स्वागत के लिए लगे बैनरों में भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल का चेहरा गायब होने से लोगों में चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा के जानकारों की मानें तो यह पहली बार हुआ जब किसी भाजपा के बैनर से से शांता-धूमल के फोटो नहीं दिखाई दे रहे हैं।
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जेपी नड्डा के बैनर पर पहली बार शांता-धूमल के फोटो न होने से सियासत में अब इसके कई मायने निकलने शुरू हो गए हैं। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं के अंदर यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या भाजपा 2022 मिशन रिपीट बिना शांता और धूमल के करना चाहती है। यह दोनों नेता आज भी प्रदेश भाजपा की राजनीति में अपना खासा महत्व रखते है।
कांगड़ा-चंबा की राजनीति में शांता कुमार का आज भी प्रभाव दिखता है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि नड्डा भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में आज भले ही अपना बड़ा कद रखते है। लेकिन, प्रदेश की राजनीति में शांता-धूमल का आज भी कोई सानी नहीं है। इस होर्डिंग्स में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के फोटो भले ही हों, लेकिन शांता-धूमल के फोटो न होने से भाजपा की सियासत अंदरखाते गरमा गई है।