हिमाचल प्रदेश विवि शिमला और सरदार पटेल विवि मंडी से संबद्ध सभी कॉलेजों में जुलाई में शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से स्नातक (यूजी) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू होगी। शनिवार को राज्य सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। एनईपी के तहत विवि और कॉलेजों में पढ़ाई सालाना नहीं, अब सेमेस्टर सिस्टम के तहत होगी।
शिक्षा विभाग की अधिसूचना के बाद हिमाचल विवि ने अपने अधीन सभी सरकारी और निजी कॉलेजों को एनईपी लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। कॉलेजों में इन दिनों प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। जून में प्रवेश परीक्षा होगी और जुलाई में नया सत्र शुरू होगा। हिमाचल विवि के अधीन 137 सरकारी और निजी कॉलेज हैं। एनईपी के तहत इनमें से 29 कॉलेजों में चार वर्षीय यूजी कोर्स होगा, जबकि शेष 108 कॉलेजों में तीन वर्षीय कोर्स चलेगा। एचपीयू के वीसी प्रो. महावीर सिंह ने बताया कि सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को नई व्यवस्था के अनुरूप तैयारी करने को कहा गया है।
एनईपी के तहत अहम बदलाव यह है कि छात्र यदि किसी कारण से कोर्स बीच में छोड़ता है तो उसे अब खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा। नीति के अनुसार, एक वर्ष पूरा करने पर यूजी सर्टिफिकेट, दो वर्ष पर डिप्लोमा और तीन वर्ष पूरे करने पर डिग्री प्रदान की जाएगी। चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम का विकल्प भी रहेगा, जिसमें ऑनर्स और रिसर्च आधारित डिग्री दी जाएगी।
एसपीयू मंडी के कुलपति प्रोफेसर ललित कुमार अवस्थी ने बताया कि राज्य सरकार ने नई शिक्षा नीति को लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत एसपीयू भी अपने दायरे में आने वाले 46 निजी और सरकारी कॉलेजों में नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहा है।