साक्षी को प्रतिवर्ष 80,000 रुपये के साथ विदेश यात्रा का भी मौका मिलेगा और उसकी भविष्य की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद भी मिलेगी। साक्षी जाडला स्कूल में दसवीं कक्षा की छात्रा है। बताया जा रहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इंस्पायर छात्रवृत्ति के लिए 350 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें करीब 31 बच्चों का चयन विदेश यात्रा सहित अन्य लाभों के लिए किया गया। प्रदेश से केवल साक्षी ही इस उपलब्धि को हासिल कर सकी, जबकि मंडी से दो, हमीरपुर से एक और शिमला से एक कुल चार अन्य विद्यार्थी भी इंस्पायर छात्रवृत्ति के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने गए थे।
ऐसे आया साक्षी को माॅडल बनाने का विचार
निर्धन परिवार से संबंध रखने वाली साक्षी के पिता दिहाड़ी-मजदूरी और मां रेखा रानी सिलाई का काम करती हैं। उनकी मां को सर्वाइकल दर्द रहता है। यहीं से साक्षी को वर्सेटाइल नेक फैन का मॉडल तैयार करने का विचार आया। इस मॉडल में सर्वाइकल दर्द में इस्तेमाल होने वाले नेक बैंड के भीतर हवा देने से जुड़ा सुझाव प्रस्तुत किया गया है। साक्षी के इस मॉडल को जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक जमकर सराहा गया।
कोई कंपनी खरीदती है माॅडल तो मिलेगी पेटेंट की कीमत
साक्षी भारद्वाज की उपलब्धी बेहद खास है। पूरे प्रदेश में इकलौता बच्चा यह उपलब्धि हासिल कर पाया। यह जिला के लिए हर्ष का विषय है। साक्षी का मॉडल आने वाले समय में अगर कोई कंपनी खरीदती है तो पेटेंट की कीमत इस बच्ची को चुकानी होगी। अच्छी कीमत मिलने पर उसकी पढ़ाई में मदद होगी और अन्य बच्चों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी। इसके अलावा विदेश यात्रा व अन्य वित्तीय लाभों की घोषणा होना अभी बाकी है। शुक्रवार को शिक्षा विभाग गर्मजोशी के साथ साक्षी का स्वागत करेगा। -राजेंद्र कौशल, उपनिदेशक, जिला उच्च शिक्षा विभाग