जाखू मंदिर जाने वाले लोगों को एचआरटीसी टैक्सियों से या पैदल करनी होगी आवाजाही, संजौली और संकटमोचन में तैनात रहेंगे पुलिस कर्मी
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भीड़ नियंत्रित करने के लिए 80 पुलिस कर्मी रहेंगे तैनात अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दशहरा पर्व पर जाखू मंदिर में हजारों लोग दर्शन करने और रावण, मेघनाद तथा कुंभकर्ण के पुतलों का दहन देखने के लिए पहुंचते हैं। इसे देखते हुए जिला पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
भीड़ नियंत्रित करने के लिए 80 पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे जबकि राजपत्रित अधिकारियों को व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। दशहरा पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण जाखू मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात जाम की समस्या रहती है। इसे देखते हुए पुलिस ने नवबहार से आगे निजी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। पुलिस के अनुसार लोगों को एचआरटीसी की टैक्सियों से या पैदल मंदिर तक जाना होगा। एचआरटीसी लोगों की सुविधा के लिए नवबहार और रिट्ज से 11 टैक्सियों का संचालन करेगा। वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए छोटा शिमला थाना पुलिस और यातायात पुलिस के अतिरिक्त जवान मार्ग पर जगह-जगह तैनात रहेंगे। इसके अलावा मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रित करने की जिम्मेदारी एएसपी हेडक्वार्टर गौरवजीत सिंह और डीएसपी हेडक्वार्टर विक्रम चौहान को सौंपी है।
संजौली और संकटमोचन में भी तैनात रहेगी पुलिस
जाखू के अलावा शहर में कई जगहों पर दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। संजौली, संकटमोचन, रामनगर समेत अन्य स्थानों पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने संबंधित थानों को समारोह स्थलों पर पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। एएसपी मेहर पंवार ने बताया कि जाखू मंदिर में दशहरा पर्व को लेकर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि जाखू जाने वाला मार्ग काफी संकरा है और वाहनों की संख्या बढ़ने पर यातायात जाम की स्थिति बन जाती है। इसे देखते हुए निजी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। लोगों की सुविधा के लिए एचआरटीसी की टैक्सियों का संचालन किया जा रहा है।