धारा-118 के तहत गैर कृषकों को हिमाचल में जमीन खरीदने की अनुमति देने के नाम पर हुए प्रदेश के बहुचर्चित भ्रष्टाचार मामले में एक और आरोपी ने वायस सैंपल दे दिया। इसके साथ ही अब तीन आरोपियों के वायस सैंपल विजिलेंस के पास पहुंच गए हैं। वहीं, दो अन्य आरोपियों में से एक ने पारिवारिक कारण और दूसरे ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए आगे की तारीख देने की मांग की है। इसके बाद ब्यूरो ने एक को 24 फरवरी और दूसरे को पांच मार्च को आने के लिए तारीख दे दी है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले के पांच आरोपियों को ब्यूरो ने सैंपल देने के लिए तलब किया था। मामले में मित्रा के सैंपल पहले ही लिए जा चुके हुए हैं। अब दो आरोपियों के बयान होने के बाद सभी के सैंपल का फोन रिकॉर्डिंग में दर्ज आवाजों से मिलान कर केस को मजबूत किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि इस कथित रिकॉर्डिंग में ही पार्थ सारथी मित्रा से बातचीत की आवाज दर्ज है। अगर आवाज का मिलान हुआ तो मित्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
दरअसल, प्रदेश के वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त व पूर्व मुख्य सचिव पार्थ सारथी मित्रा के प्रमुख सचिव राजस्व रहने के दौरान बड़ी संख्या में गैर कृषकों को हिमाचल में जमीन खरीदने के लिए धारा-118 की मंजूरी दी गई। आरोप है कि इस दौरान जमकर भ्रष्टाचार हुआ। पांच से दस लाख रुपये तक घूस ली गई। अकेले 2010 में ही राजस्व विभाग ने ढाई सौ से ज्यादा मामलों में 118 के तहत अनुमति दे दी। शिकायत के बाद लंबे समय से विजिलेंस इस मामले में जांच कर रही है।