सचिवालय सामान्य प्रशासन ने सभी मंत्रियों के कमरों में ताले जड़ दिए हैं। इन कमरों में योजनात्मक फाइलों के साथ साथ विभागों का सामान भी कैद हो गया है। अब यह कमरे नई सरकार बनने के बाद ही खुलेंगे।
जीएडी महकमे ने इसके पीछे सामान चोरी न होने और कार्यालय में पड़ी कीमती वस्तुएं इधर-उधर न होने का हवाला देते हुए कमरों को बंद किए जाने की बात कही है। विभाग के अफसर अपनी फाइलों के लिए सचिवालय के चक्कर काट रहे हैं।
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा के कमरे में ताला लगा दिया गया है, जबकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पंचायती राज विभाग के मंत्री रहे अनिल शर्मा का कमरा करीब एक महीने से बंद है।
उनके कमरे के बाहर से नेम प्लेट तक गायब है। बताया जा रहा है कि जिस दिन मंत्री अनिल शर्मा ने भाजपा ज्वाइंट की उसके बाद ही कमरे को लॉक कर दिया गया था।
उनके पीए के कमरे को भी ताला जड़ दिया है। इसी तरह वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी के कमरे को भी बंद किया गया है। कमरे के बाहर मंत्री का चपरासी अपनी ड्यूटी दे रहा है। ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया और स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह के कमरे में ताला लगाए जाने के बजाए बाहर के कुंडा लगाया गया है।
अलमारियों में पड़ी फाइलों की चल रही काटछांट
सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री का कमरा भले ही जीएडी ने बंद कर रखा हो लेकिन मंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी अपने कमरे की अलमारी में पड़े कागजात की काटछांट में लगे हैं। मंत्री के डीओ नोट और अन्य कागज को रद्दी की टोकरी में डाला जा रहा है।
हिमाचल में 18 दिसंबर को विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित होना है। नई सरकार बनने के बाद ही मंत्री के लिए यह कमरे खुलेंगे।