मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की आय से अधिक संपत्ति व मनी लांड्रिंग के मामले में आरोपी एलआईसी एजेंट आनंद सिंह चौहान की जमानत याचिका पर पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जमानत याचिका पर सुनवाई के लिये 19 दिसंबर की तारीख तय की गई है। जज संतोष स्नेही मान ने चौहान ने पूरक आरोप पत्र दाखिल करने के लिये प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को एक माह की मोहलत दी है।
न्यायालय ने यह निर्देश एजेंसी की ओर से पेश विशेष अधिवक्ता एनके माटा की उस तर्क पर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि जमानत याचिका का जवाब देने और जांच रिपोर्ट पेश करने के लिये समय चाहिये।
पेश जमानत याचिका में कहा गया है कि आरोपी एक साल से ज्यादा समय से हिरासत में है। उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। अदालत ने उसे अंतरिम जमानत दी जिसके बाद उसने सरेंडर कर दिया।
प्रवर्तन निदेशालय ने चौहान को चंडीगढ़ से आठ जुलाई 2016 को गिरफ्तार किया था। ईडी ने इस मामले में चौहान के खिलाफ छह सितंबर 2016 को आरोप पत्र दाखिल किया था।
एजेंसी का आरोप है कि चौहान ने वीरभद्र सिंह से करीब 5.14 करोड़ रुपये कैश लिया जिसे पंजाब नेशनल बैंक के अपने खाते में जमा करवाया और उसके बाद वीरभद्र व उनके परिजनों के नाम पर बीमा पॉलिसी खरीद कर निवेश कर दिया। बैंक खाते में मोटी रकम जमा होने के कारण वह आयकर विभाग की नजर में आ गया।