आईजीएमसी अस्पताल में स्क्रब टायफस से पीड़ित एक और महिला मरीज की मौत हो गई। महिला (70) रोहडू चिड़गांव की रहने वाली थी। यह कुछ दिनों से अस्पताल में दाखिल थी। वीरवार को 15 नए मामले स्क्रब टायफस के सामने आए हैं। अब तक 13 मरीजों की बीमारी से मौत हो चुकी है। ग्रामीण हल्कों से सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
यही नहीं अब तक तीन सौ से अधिक लोग इस रोग की चपेट में आ चुके हैं। मौसम खुलने के बाद मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। आईजीएमसी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि पहले की अपेक्षा मरीज बढ़े हैं एक महिला मरीज की मौत हुई है। इस बीमारी से जुड़ा कोई भी लक्षण होने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करें।
लक्षण
तेज बुखार 104 से 105 तक जा सकता है
जोड़ों में दर्द व कंपकंपी के साथ बुखार
शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना
अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना
रोकथाम
शरीर में सफाई का ध्यान रखें
घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें
घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें
घर व आसपास के वातावरण को साफ रखें
ऐसे होता है स्क्रब टाइफस
यह रोग एक जीवाणु (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है जो खेतों, झाड़ियों व घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टाइफस बुखार पैदा करता है।