स्कूल के टीजीटी नॉन मेडिकल एवं अटल टिंकरिंग लैब प्रभारी संदीप वर्मा ने बताया कि लैब का उद्देश्य स्कूली बच्चों और समाज के अन्य लोगों को किताबी ज्ञान के बजाय प्रैक्टिकल के साथ नई तकनीकों से अवगत करवाकर समाज की विभिन्न समस्याओं को हल करते हुए जीवन को सुगम बनाना है।
प्रधानाचार्य कल्याण सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2018-19 के दौरान प्रदेश को 13 हजार स्कूलों की कड़ी राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के माध्यम से दो एटीएल लैब मिली हैं। इनमें चौंतड़ा का सरकारी स्कूल प्रदेश का पहला स्कूल था। अटल टिंकरिंग लैब में थ्री-डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के नए तकनीकों से रूबरू होने का मौका मिलता है।
लैब में 6वीं कक्षा के ऊपर के विद्यार्थी, समाज के लोग शामिल होकर अपने नवोन्मेषी विचारों को मूर्तरूप प्रदान कर सकते हैं। लैब स्कूल समय के बाद शाम को तीन से पांच बजे तक कार्यरत रहती है।