शिमला शहर के लिए सिरदर्द बनी ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए अब स्कूलों का टाइम टेबल बदला जाएगा। स्कूलों के खुलने और बंद होने की समयसारिणी में जिला प्रशासन बदलाव करने जा रहा है। इसमें स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय में 15 से 20 मिनट का अंतर होगा। क्रमवार ही स्कूल खोले ओर बंद किए जाएंगे।
डीसी दिनेश मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई विभागीय अधिकारियों की शुक्रवार को हुई बैठक में यह फैसला ले लिया है। अगले सप्ताह शहर के बड़े स्कूलों की समय सारिणी तय कर दी जाएगी और जिला प्रशासन बाकायदा इसकी अधिसूचना जारी करेगा। उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक में ट्रैफिक जाम की गंभीर और पूरे शहर को परेशान कर रही समस्या को सुलझाने के लिए कई और बड़े फैसले भी लिए गए हैं।
बैठक में अधिकारियों के बीच हुई चरचा में सामने आया कि पीक हावर में स्कूलों की टाइमिंग एक साथ होना ट्रैफिक जाम सबसे बड़ी समस्या है। स्कूल खुलने और बंद होने के समय में एक साथ अभिभावकों की अपने बच्चों को लाने ले जाने के लिए निकलने वाली छोटी गाड़ियों और बसों के कारण जाम की समस्या गहराती है। पर्यटक सीजन में यह दिक्कतें कई गुणा बढ़ जाती है। स्कूल में बच्चे समय से पहुंचे और बिना परेशानी के घर जाए, इसके लिए स्कूलों टाइम टेबल में 20 मिनट तक का अंतर देने पर फैसला है।
इन स्कूलों का बदल सकता है समय
राजधानी में अधिक संख्या वाले स्कूलों लोरेटो कानवेंट ताराहाल, कानवेंट आफ जीजस एंड मेरी, ऑकलेंड हाउस, सेंट एडवर्ड, दयानंद, सेंट थॉमस, लोरेटो भराड़ी, चैप्सली, डीएवी न्यू शिमला, डीएवी लक्कड़ बाजार, केवी जाखू, एसडी स्कूल अनाज मंडी, आर्य समाज, शेलेडे, जेसीबी, शिमला पब्लिक स्कूल, संजौली सेंट जेवियर, सिक्रेड हार्ट ढली सहित सभी निजी स्कूलों के समय में बदलाव किया जाना लगभग तय है। इन सभी स्कूलों की सुबह की टाइमिंग आठ से नौ और बंद होने का समय दो से चार बजे के बीच है। इनमें कुछ स्कूलों की अपनी परिवहन व्यवस्था है, कुछ परिवहन निगम की बसों की सेवाएं ले रहे है।
बैठक में यह भी लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
-कार्टरोड और दूसरे सड़क मार्ग पर सुबह 8 से 11 बजे तक और शाम को 4 से 7 बजे तक वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे?
-ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की संख्या में होगी बढ़ोतरी।
-कार्टरोड और शहर की अन्य सड़कों पर सिंगल साइड पार्किंग की व्यवस्था होगी।
-भारी माल ढोने वाली गाड़ियों को शोघी बाईपास से डाइवर्ट करने का फैसला।
-हल्का माल ढोने वाले वाहनों की आवाजाही भी शहर में नियंत्रित तरीके से की जाए।
-सड़क के किनारे उतरने वाली भवन निर्माण सामग्री को सुबह 7 बजे तक उठाया जाना अनिवार्य बनाया जाएगा।
-लक्कड़ बाजार बस स्टेंड को ढली स्थानंत्रित किया जाएगा।