हिमाचल के स्कूलों में करीब छह महीने बाद सोमवार को रौनक लौटी। कोरोना महामारी के बीच खुले स्कूलों में पहले दिन नौवीं से 12वीं कक्षा के हजारों विद्यार्थी अभिभावकों के सहमति पत्र लेकर शिक्षकों से गाइडेंस लेने पहुंचे। शहरी के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल आने वाले विद्यार्थियों में अधिक उत्साह दिखा। प्रदेश में चल रहे 2,798 हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में से अधिकांश में सोमवार को विद्यार्थी पहुंचे। कई स्कूलों में 20 से 25 विद्यार्थी पहुंचे जबकि कुछ स्कूलों में पहले दिन एक भी विद्यार्थी नहीं आया।
सरकारी स्कूलों में 50 फीसदी शिक्षकों और गैर शिक्षकों ने भी उपस्थिति दर्ज करवाई। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को गाइडेंस देने के अलावा ऑनलाइन पढ़ाई की स्कूलों से ही निगरानी की और बीते दिनों समाप्त हुए फर्स्ट टर्म परीक्षा के पेपर भी जांचे। सामाजिक दूरी का पालन करते स्कूलों में कहीं खुले परिसर में तो कहीं कक्षाओं में बैठकर विद्यार्थियों को गाइडेंस दी गई। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि सोमवार को स्कूल खुलने के पहले दिन कितने विद्यार्थी गाइडेंस लेने के लिए आए, इसका सही आंकड़ा जिला उपनिदेशकों से मांगा गया है।
कई जिलों में रिस्पांस बहुत अच्छा रहा है। बच्चों को शिक्षकों द्वारा स्कूल आने के लिए अलग-अलग समय दिया जा रहा है। 50 फीसदी शिक्षकों और गैर शिक्षकों का अब रोजाना स्कूल-कॉलेजों में आना अनिवार्य किया गया है। जिला उपनिदेशकों को एसओपी का सही तरीके से पालन करवाने का जिम्मा सौंपा गया है। सोमवार को स्कूल खुलने के पहले दिन पेश आई समस्याओं को लेकर भी प्रभारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। अब तीस सितंबर तक इसी तरह से स्कूलों में काम चलेगा।
अक्तूबर से नियमित कक्षाएं लगने के आसार
अक्तूबर से नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं शुरू होने के आसार हैं। हालांकि, केंद्र ने 30 सितंबर तक स्कूलों को नियमित कक्षाओं के लिए बंद किया हुआ है लेकिन 21 सितंबर से गाइडेंस लेने के लिए विद्यार्थियों के लिए खोले गए स्कूलों में अगर हालात सामान्य रहते हैं तो अक्तूबर से नियमित कक्षाएं भी शुरू हो सकती हैं।