मेधावी छात्राओं को किया गया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोर्टमोर में वीरवार को वार्षिक उत्सव में मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बतौर मुख्यअतिथि शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं ने दुर्गा पूजा की प्रस्तुति के साथ की। इसके बाद छात्राओं ने शोभला म्हारे देशो ताज, पाणी ता भरना बाईं रा और इस ग्राएं देया लंबरा हो गाने पर रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। इसके अलावा हमीरपुरी और बिलासपुरी डांस कर भी वाहवाही बटोरी। इस अवसर पर पूर्व सीपीएस सोहन लाल ठाकुर, उपायुक्त आदित्य नेगी, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा आशीष कोहली, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अजय गुप्ता, स्कूल की प्रधानाचार्य राखी पंडित सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
अच्छे कार्य पर राज्य स्तर पर पुरस्कृत होंगे 10 स्कूल
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का एलान
जिला स्तर पर 5-5 स्कूलों को मिलेगा सम्मान
श्रीनिवास रामानुजन स्टूडेंट डिजिटल योजना का किया शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पोर्टमोर स्कूल में 5 करोड़ से बनने वाले छात्रावास का शिलान्यास भी किया और सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लास में बदलने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2021-22 के मेधावी विद्यार्थियों को श्रीनिवास रामानुजन योजना के तहत 16 छात्राओं को टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि टैबलेट प्राप्त करने वाले प्रदेश के 10,540 विद्यार्थियों में से 7,520 बालिकाएं हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में अध्यापकों की कमी को दूर किया जा रहा है और अगले शैक्षणिक सत्र से शिक्षा में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। कहा कि हर श्रेणी में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 10 स्कूलों को राज्य स्तर तथा जिला स्तर पर 5-5 स्कूलों का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। विद्यार्थियों की स्मार्ट यूनिफार्म का फैसला एसएमसी और स्कूल प्रबंधन करेंगे। राज्य सरकार मेधावी छात्राओं को ई-स्कूटी खरीदने के लिए 25 हजार रुपये का अनुदान प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 4000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा दिया जिसके तहत उनकी देख-रेख, शिक्षा और आत्मनिर्भर बनाने का जिम्मा राज्य सरकार का कानूनी दायित्व है।
उन्होंने कहा कि विशेष बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए अगले बजट में एक योजना लाई जाएगी। सुविधाओं के अभाव में कोई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित न रहे इसके लिए राज्य सरकार ने डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना शुरू की है। इसके तहत सरकार उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध करवा रही है। प्रदेश सरकार एडमिशन फीस की पहली किस्त उपायुक्त के माध्यम से प्रदान करेगी ताकि ऋण मिलने में देरी होने के कारण उसे एडमिशन से हाथ न धोना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस भर्ती में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। आज शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां आगे बढ़ रही हैं और आने वाले समय में राजनीति में भी उन्हें अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि रास्ते में जाते हुए कुछ छोटी बच्चियों ने उन्हें स्कूल आने का आग्रह किया और उनके अनुरोध पर ही वह इस कार्यक्रम में आए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि यह विद्यालय प्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालयों में से एक है। इसका समृद्ध इतिहास है। विधायक हरीश जनारथा ने छात्रावास की मांग को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।