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छात्रवृत्ति घोटाला: निजी संस्थानों ने स्वीकृत पदों से 10 गुणा ज्यादा किए दाखिले

Sat, 07 Dec 2019 11:43 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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250 करोड़ से अधिक राशि के छात्रवृत्ति घोटाले को अंजाम देने के लिए कई निजी संस्थानों ने स्वीकृत पदों से 10 गुणा ज्यादा तक विद्यार्थियों के दाखिले कर दिए। करोड़ों की राशि हड़पने को अपनाए गए इन हथकंडों का सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है।

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इतना ही नहीं, कई संस्थानों ने तो विद्यार्थियों की संख्या दो से तीन हजार तक बताकर घोटाले को अंजाम दिया। उच्च शिक्षा निदेशालय ने भी ऐसे संस्थानों की मौके पर जाकर जांच करने से गुरेज किया। इसके चलते करोड़ों रुपये की धनराशि का गबन हुआ।

सीर्बीआई ने जांच के दौरान जब निजी शिक्षण संस्थानों की पड़ताल करते हुए केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों से रिकार्ड जुटाया गया तो पता चला कि कुछ संस्थानों ने जितने विद्यार्थियों के दाखिले दिए हैं, उतनी तो उन्हें सीटें ही स्वीकृत नहीं थीं। एक संस्थान को किसी ट्रेड के लिए कुल सौ सीटें स्वीकृत हुई थीं, जबकि उसने 1100 से अधिक विद्यार्थियों के नाम पर छात्रवृत्ति प्राप्त की। 

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दो संस्थानों ने एक ही बैंक अकाउंट में ली छात्रवृत्ति

यह भी खुलासा हुआ है कि साल 2013-14 से 2016-17 के दौरान कई संस्थानों में जहां प्रति वर्ष 300 से 500 विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर रहे थे वहीं किसी एक साल के दौरान इनकी संख्या शून्य भी दिखा दी गई। इस तरह की लापरवाही को लेकर भी उच्च शिक्षा निदेशालय के अफसरों की नींद नहीं टूटी। निदेशालय के किसी भी अफसर ने संस्थानों में जाकर जांच करने की जहमत नहीं उठाई। 

जांच के दौरान दो ऐसे संस्थान भी मिले हैं, जिन्होंने एक ही बैंक अकाउंट में कई विद्यार्थियों की छात्रवृत्तियां प्राप्त की। सीबीआई ने जब छात्रों से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि हम तो ऐसे किसी भी संस्थान में पढ़ाई नहीं करते हैं। दाखिला लेने के लिए इन संस्थानों में आवेदन जरूर किया था लेकिन कहीं और दाखिला मिलने पर पूर्व में आवेदन करने वाले संस्थानों से दस्तावेज वापस नहीं लिए।
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