करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले की सीबीआई जांच की फाइल को गृह विभाग ने शिक्षा विभाग को लौटा दिया है। गृह विभाग ने दलील दी है कि सीबीआई की ओर से भेजे गए प्रोफार्मा के अनुसार पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि फाइल सीबीआई को भेजी जा सके। गृह विभाग के इस कदम के बाद मामले की फाइल गृह और शिक्षा विभाग के बीच फुटबॉल बन गई हैं।
दरअसल, शिक्षा विभाग ने कुछ समय पहले विभागीय जांच के आधार पर हिमाचल के निजी शिक्षण संस्थानों में फर्जी दाखिले दिखाकर करीब 250 करोड़ की राशि के छात्रवृत्ति घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई ने सरकार के जांच के पत्र के जवाब में गृह विभाग को एक प्रोफार्मा भेज जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
हाल में शिक्षा विभाग ने 2006 के नियमों का हवाला देते हुए जरूरी दस्तावेजों सहित फाइल गृह विभाग को भेज दी। लेकिन गृह विभाग ने यह कहते हुए फाइल लौटा दी है कि सीबीआई की ओर से भेजे गए प्रोफार्मा में मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
जिसके बाद ही फाइल को केंद्रीय एजेंसी को भेजा जाएगा। चूंकि सीबीआई से मिले प्रोफार्मा में राज्य की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर का नंबर भी उपलब्ध कराना है। लेकिन शिक्षा विभाग ने न तो एफआईआर दर्ज कराई है और न ही इसकी जानकारी दी है। ऐसे में जांच शुरू होने से पहले ही अटक गई है।