अब आयोग ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत उन पंचायतों में विशेष पुनरीक्षण कराने का निर्णय लिया है, जहां उच्च न्यायालय के आदेश लागू होते हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों की मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (स्पेशल रिवीजन) के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह प्रक्रिया उन पंचायतों में लागू होगी, जिनके गठन या पुनर्गठन से जुड़े मामले न्यायालय में विचाराधीन रहे हैं और जिन पर उच्च न्यायालय के आदेश लागू होते हैं। इससे पहले 18 मार्च 2026 को गैर प्रभावित पंचायतों और 2 अप्रैल 2026 को प्रभावित पंचायतों के लिए मतदाता सूचियों के संशोधन को लेकर कार्यक्रम जारी किया गया था। अब आयोग ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत उन पंचायतों में विशेष पुनरीक्षण कराने का निर्णय लिया है, जहां उच्च न्यायालय के आदेश लागू होते हैं। जारी कार्यक्रम के अनुसार दावों और आपत्तियों को प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 13 अप्रैल निर्धारित की गई है।
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इसके बाद 17 अप्रैल तक संबंधित प्राधिकरण की ओर से दावों और आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल रखी गई है, जबकि अपीलीय प्राधिकरण 22 अप्रैल तक इन अपीलों का निपटारा करेगा। मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 24 अप्रैल 2026 तक या उससे पहले किया जाएगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 18 मार्च को जारी अधिसूचना के तहत निर्धारित आयु सीमा और अन्य निर्देश जहां आवश्यक होंगे, वहीं लागू रहेंगे। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 1 जनवरी 2025 को आधार तिथि मानते हुए अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूचियों का निरीक्षण के लिए अपने कार्यालयों और संबंधित पंचायत संस्थाओं में उपलब्ध करवाएं।