हर साल बागवानी विभाग की नर्सरियों और बगीचों से चार करोड़ रुपये की आय होती रही है। सोसायटी में करीब 15 कर्मचारी तैनात हैं। इनमें से कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और कुछ विभाग से भेजे गए हैं।
गौरतलब है कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने यह सोसायटी इसलिए बनाई थी कि विश्व बैंक की वित्तीय मदद से बागवानों को अच्छी किस्म के सेब के पौधे उपलब्ध कराए जा सकें। सोसायटी ने अब तक कितना काम किया, यह कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन इतना स्पष्ट है कि यह सोसायटी आज भी विभाग की नर्सरियों और बगीचों की आय पर निर्भर है।
बागवानी निदेशक एमएल शर्मा ने कहा कि बागवानी विभाग की नर्सरियों और बगीचे से होने वाली आय को सोसायटी के खाते में डाला जा रहा है। सोसायटी का काम अच्छा चलना शुरू हो जाएगा तो यह राशि बागवानी विभाग के खाते में जमा की जाएगी।