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संयुक्त किसान मंच: राजनीतिक आंदोलन का आरोप लगाने वालों को खुले मंच पर बहस की चुनौती

Sun, 21 Aug 2022 08:42 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

संयुक्त किसान मंच ने दावा किया है कि 25 अगस्त को अदानी के ठियोग के सैंज, रामपुर के बिथल और रोहड़ूू के मैहंदली स्थित सेब खरीद केंद्रों का हजारों किसान-बागवान घेराव करेंगे।
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संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसानों-बागवानों के आंदोलन को राजनीति से प्रेरित होने का आरोप लगाने वालों को संयुक्त किसान मंच ने खुले मंच पर बहस की चुनौती दी है। मंच ने आरोप लगाया कि 17 अगस्त को शिमला में जेल भरो आंदोलन में उमड़े बागवानों के सैलाब से सरकार डर गई है। एकता को तोड़ने के लिए फूट डालने का प्रयास किया जा रहा है। मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने कहा कि राजनीति किसान-बागवान नहीं, बल्कि सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने पहले 20 सूत्रीय मांग पत्र की सभी मांगों को जायज ठहराया। अब इन्हें पूरा करने में टालमटोल की जा रही है। 

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मंच के सदस्य संजीव ठाकुर और राजन हारटा ने कहा कि आंदोलन को लेकर दुष्प्रचार करने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों के आंदोलन को राजनीतिक आंदोलन कहने वालों में अगर हिम्मत है तो वे खुले मंच पर बहस की चुनौती स्वीकार करें। अदानी और अन्य निजी कंपनियों के साथ सरकार के गठजोड़ से बागवानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। 28 अगस्त की बैठक में सरकार ने कमेटी गठित कर निजी कंपनियों के सेब खरीद रेट तय करने का दावा किया था, लेकिन जब अधिकतर कंपनियों ने रेट घोषित कर दिए उसके बाद कमेटी गठित की गई।

सरकार मंडियों में एपीएमसी एक्ट लागू करने में विफल रही है। बागवान अदानी सहित अन्य कंपनियों के हाथों लुटने पर मजबूर हो रहे हैं। मंडियों में किसानों को उपज का पैसा नहीं मिल रहा। खरीदार पेमेंट रोककर बैठे हैं। सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। संयुक्त किसान मंच 27 किसान-बागवान संगठनों का साझा मंच है। किसानों-बागवानों के हितों को लेकर सरकार की अनदेखी जारी रही तो प्रदेशव्यापी आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
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25 को हजारों किसान करेंगे अदाणी के खरीद केंद्रों का घेराव
मंच ने दावा किया है कि 25 अगस्त को अदानी के ठियोग के सैंज, रामपुर के बिथल और रोहड़ूू के मैहंदली स्थित सेब खरीद केंद्रों का हजारों किसान-बागवान घेराव करेंगे। बीते साल के मुकाबले इस साल अदानी ने सेब के प्रति किलो रेट करीब 16 रुपये कम घोषित किए हैं। मंच ने अदानी को सेब देने वाले बागवानों से आग्रह किया है कि 25 अगस्त को सेब न भेजें।

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