ऊपरी शिमला और मशोबरा की ओर से आने वाले वाहन अब वाया संजौली बाजार होकर चलेंगे
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टनल के निर्माण कार्य से दरके घरों का होगा अधिग्रहण डीसी ने दिए निर्देश, स्कूल खुलने से पहले बहाल करें सड़क अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के चलौंठी में फोरलेन की टनल के निर्माण कार्य से हो रहे भू-धंसाव को रोकने के लिए एक महीने के भीतर सड़क में पड़ी दरारें भरने और मजबूती देने का काम पूरा करना होगा। जिला प्रशासन ने एनएचएआई को यह निर्देश जारी किए हैं।
रोजाना होने वाले कार्यों की रिपोर्ट एसडीएम शिमला ग्रामीण को देनी होगी। संजौली-ढली बाईपास सड़क पर फिलहाल आने वाले दिनों में भी यातायात पूरी तरह बंद रहेगा। ऊपरी शिमला और मशोबरा की ओर से होने वाली वाहनों की आवाजाही वाया संजौली बाजार की जाएगी। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बुधवार को इस बारे में डीसी कार्यालय में एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उपमंडल दंडाधिकारी शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा और राज्य भूवैज्ञानिक की ओर से चलौंठी में हुए नुकसान की आकलन रिपोर्ट पेश की गई।
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रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र में हो रहे धंसाव के कारण यहां एक मकान को न रहने योग्य घोषित किया गया है। इसमें दरारें पड़ गई हैं। दूसरे को अस्थायी रूप से असुरक्षित आंका गया है। क्षेत्र के बाकी घर निगरानी में हैं। बैठक में सड़क के बार-बार धंसने को लेकर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि एनएचआई एक महीने के भीतर यहां पड़ी दरारों को भरने का काम पूरा करे। शहर में स्कूल भी खुलने जा रहे हैं। इससे संजौली में वाहनों की संख्या बढ़गी। ऐसे में जल्द संजौली-ढली बाईपास सड़क को खोलने के लिए काम किया जाए।
भवनों का होगा अधिग्रहण
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधि से मुआवजे को लेकर जानकारी मांगी। प्रतिनिधि ने बताया कि जिला प्रशासन से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त हो गए हैं और उन्हें रियायतग्राही को भेज दिया है। इसे बीमा कंपनी को जमा कर दिया है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि अगले 15 दिन के भीतर इस बारे में सारी कार्रवाई पूरी करें और इसकी पूरी जानकारी उपमंडल दंडाधिकारी शिमला ग्रामीण को दें। भारत कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि ने बताया कि चलौंठी में दरारों को भरने का कार्य प्रगति पर था। स्थानीय लोगों के अनुरोध पर बर्फबारी के कारण इसे अस्थायी रूप से रोक दिया है। मौसम ठीक होते ही काम फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
चेतावनी संकेतों की भी करें जांच
अनुपम कश्यप ने निर्देश दिए कि स्पेक्ट्रोमीटर पर दर्शाए गए चेतावनी संकेतों की भी जांच की जाए। इसकी रिपोर्ट तुरंत उपमंडल दंडाधिकारी को दी जाए। चलौंठी से किसान भवन ढली में शिफ्ट किए परिवार अब यहां से भी चले गए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि आगामी 10 दिनों के भीतर रेंट एग्रीमेंट और संबंधित दस्तावेजों की प्रति उपमंडल दंडाधिकारी शिमला (ग्रामीण) को उपलब्ध करवाई जाए। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा सहित अन्य हितधारक मौजूद रहे।