हिमाचल में बनीं 13 और दवाइयां मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के ताजा ड्रग अलर्ट में देशभर की 43 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं।
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इनमें प्रदेश के उद्योगों में निर्मित 13 दवाइयां भी शामिल हैं। कसौटी पर खरा न उतरने वाली दवओं में औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन की 9, सिरमौर की 3 और परवाणू के एक उद्योग की दवा शामिल है।
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गौरतलब है कि पिछले पांच माह में सूबे में बनीं 57 जबकि बीते वर्ष 110 दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं। एशिया में बिकने वाली 35 फीसदी दवाएं हिमाचल में बनती हैं।
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ताजा जांच में अधोमानक पाई गईं दवाओं के सैंपल सब जोन बद्दी, ईस्ट जोन कोलकाता, सब जोन गोवा से लिए गए थे। इनकी जांच सीडीएल कोलकाता, आरडीटीएल चंडीगढ़ की लैबोरेटरी में कराई गई।
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अधोमानक पाई गईं ये दवाएं एंटीबायोटिक, बुखार, गैस, लीवर, दर्द निवारक, कैल्शियम, विटामिन, माउथ वॉश, मांसपेशियों में खिंचाव को ठीक करने वाली हैं।
बाजार से वापस बुलाएंगे इन दवाओं के बैच: नियंत्रक
राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि प्रदेश की 13 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इन बैच की दवाओं को बाजार से वापस बुलाने के आदेश जारी कर दिए हैं। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत समय-समय पर कार्रवाई होती रहती है। बाहरी राज्यों में जाने वाली दवाओं पर कई फैक्टर रहते हैं। इनके सैंपलों की सीडीएल में जांच होती है। प्राधिकरण इन उद्योगों के खिलाफ आगामी कार्रवाई करेगा।