टांडा अस्पताल के कोरोना वार्ड में डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारी अपने परिवार से 21 दिन से पहले नहीं मिल पाते हैं। रोजाना आठ घंटे की ड्यूटी करने के बाद डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ के रहने के लिए टांडा अस्पताल प्रबंधन ने अलग से व्यवस्था की है।
कोरोना वार्ड में स्टाफ का ड्यूटी रोस्टर सात दिन का रहता है। सात दिन ड्यूटी देने के बाद डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ को 14 दिन के आईसोलेशन के लिए एकांत स्थान पर भेज दिया जाता है। फिर 21 दिन बाद डॉक्टर, नर्सें और अन्य स्टाफ अपने परिवार से मिल पाते हैं।
टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. भानु अवस्थी ने कहा कि कोरोना वार्ड में ड्यूटी का रोस्टर सात दिन का होता है। सात दिन बाद स्टाफ को 14 दिन के क्वारंटीन पीरियड पर भेजा जाता है। 21 दिन बाद स्टाफ अपने परिवार से मिल पाता है। आठ घंटे की ड्यूटी के दौरान पीपीई किट नहीं खोलने का नियम है। यह गाइडलाइंस स्वास्थ्य विभाग की हैं।