प्रदेश बाल कल्याण परिषद के करीब 80 कर्मचारियों को सरकार ने राहत दी है। सरकार ने वर्ष 2006 से तय संशोधित वेतनमान देने की घोषणा की है। इससे पहले ये कर्मचारी 1986 का वेतनमान ले रहे हैं।
यह घोषणा प्रदेश बाल कल्याण परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने की। परिषद की आम बैठक राज्यपाल उर्मिला सिंह की अध्यक्षता में हुई। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. कर्नल धनी राम शांडिल के अलावा कई पदाधिकारी शामिल हुए।
राज्यपाल ने वंचितों के लाभ को परिषद की गतिविधियों के विस्तार पर बल दिया। उन्होंने कहा कि परिषद को उनकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए उदार सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। राज्यपाल ने मंदिरों की आय का सीमांत हिस्सा वृद्धाश्रम और बाल आश्रमों को देने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। कहा कि समाज का यह दायित्व बनता है कि बच्चों को उनके संपूर्ण विकास के लिए समुचित अवसर उपलब्ध करवाएं।
बैठक में प्रधान सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता पीसी धीमान, परिषद की महासचिव राज कुमारी सोनी, अतिरिक्त मुख्य सचिव विनित चौधरी, प्रधान सचिव (वित्त) डा. श्रीकांत बाल्दी, राज्यपाल की सचिव अनिता तेगटा, बाल एवं महिला विकास विभाग की निदेशक मधुबाला शर्मा, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक मामले निदेशक शरभ नेगी परिषद के सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्य तथा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
10 सदस्य मनोनीत
परिषद के शासी निकाय में 10 सदस्यों को मनोनित किया गया है, जिनमें अपर्णा नेगी, प्रेम नेगी, प्रेमलता, सुनैना सूद, पूनम चैहान, उमा बाल्दी, रेणु कुरियन और रमेश ठाकुर के अतिरिक्त कांगड़ा तथा सोलन के उपायुक्त शामिल हैं।