फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: सखी वन स्टॉप सेंटर बना महिलाओं के लिए सहारा

विज्ञापन
विज्ञापन
एक साल में आई 151 शिकायतें निपटाईं
विज्ञापन

केंद्र सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो रहीं महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। महिलाओं के लिए सरकारी स्तर पर जो योजनाएं चल रही हैं, उनमें वन स्टॉप सेंटर योजना कारगर है। इस योजना का मकसद लिंग के आधार पर हिंसा झेलने वाली महिलाओं को तुरंत मदद उपलब्ध करवाना है। जिला शिमला में वन स्टॉप सेंटर मशोबरा में है।
यहां पर एक वर्ष में 151 शिकायतें आई हैं। इसमें सेंटर की ओर से सभी शिकायतों का निपटारा कर दिया है। वर्ष 2023 नवंबर से महिला हेल्प लाइन नंबर 181 को भी वन स्टॉप सेंटर से जोड़ा है। एक वर्ष में 181 नंबर के जरिये सेंटर को 136 शिकायतें मिली हैं। इसके अलावा 15 शिकायतें अन्य जगहों से मिली हैं। सखी वन स्टॉप सेंटर के तहत बलात्कार, लैंगिक हिंसा, घरेलू हिंसा, बाल विवाह सहित अन्य सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर 5 दिनों का अस्थायी आश्रय, पुलिस और कानूनी सहायता, चिकित्सा तथा परामर्श की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। यदि पीड़ित महिला को अधिक समय के लिए आश्रय की जरूरत हो तो उन्हें मशोबरा में ही स्थित नारी सेवा सदन में भेज दिया जाता है। इस वर्ष केवल एक महिला काे नारी सेवा सदन में भेजा है।
विज्ञापन


वन स्टॉप सेंटर मशोबरा की केंद्र प्रबंधक भावना ने बताया कि जैसे ही उन्हें किसी महिला के साथ हुई हिंसा की शिकायत पहुंचती है, उसे तुरंत इमरजेंसी रेस्क्यू सर्विस प्रदान की जाती है। वन स्टॉप सेंटर, 108 सेवा और पीसीआर के साथ मिलकर नेशनल हेल्थ मिशन की मदद से महिला का बचाव करता है। महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल या शेल्टर होम पहुंचाया जाता है। पीड़ित महिला अपने बच्चों (सभी उम्र की लड़कियां और 12 साल तक के लड़के) के साथ अधिकतम 5 दिन की अवधि के लिए सेंटर में अस्थायी आश्रय का लाभ उठा सकती हैं।
विज्ञापन


महिला हेल्प लाइन नंबर 181 पर करें शिकायत
हर जिले में वन स्टॉप सेंटर बने हुए हैं। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या फिर जिला कार्यक्रम अधिकारी की मदद से पीड़ित महिलाएं वन स्टॉप सेंटर तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा पीड़ित महिलाएं हेल्पलाइन नंबर 181 पर भी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं। यह नंबर 24 घंटे उपलब्ध रहता है। शिकायत दर्ज कराते ही संबंधित जिले या इलाके के डीपीओ, पीओ, डीएम, डिप्टी एसपी, एसपी या फिर सीएमओ के पास मैसेज पहुंच जाएगा। इसके साथ ही सिस्टम में महिला का केस दर्ज हो जाता है और उसकी एक यूनिक आईडी बन जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें