शहर में सफाई व्यवस्था चौपट होने के बाद नगर निगम अब हड़ताली सफाई कर्मचारियों पर सख्ती बरतने जा रहा है। निगम प्रशासन ने सैहब कर्मचारी यूनियन को वीरवार तक का समय दिया है। यदि कर्मचारी वीरवार सुबह तक हड़ताल खत्म कर काम पर नहीं लौटते हैं तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
9 दिन से जारी हड़ताल पर आक्रामक रवैया अपनाते हुए निगम प्रशासन ने नोटिस जारी करते हुए साफ कह दिया है कि जो कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं लौटेंगे, उन्हें बाहर कर दिया जाएगा। इनकी जगह निगम नए कर्मचारियों को काम पर रखने की भी योजना बना चुका है।
निगम प्रशासन के इस फैसले से 550 से ज्यादा सैहब कर्मियों की नौकरी जा सकती है। एजीएम के बाद भी कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहने से परेशान निगम प्रशासन ने मंगलवार को सैहब सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी की बैठक बुलाई। निगम आयुक्त जीसी नेगी की अध्यक्षता में करीब एक घंटे चली इस बैठक में फैसला लिया गया कि अब कर्मचारियों से बातचीत बंद कर सख्ती बरती जाएगी।
इसलिए लेना पड़ा फैसला
नगर निगम की मासिक बैठक और एजीएम में सफाई कर्मचारियों की सेलरी 10 फीसदी बढ़ाने को ही मंजूरी मिली। कर्मचारी पहले 30 और अब 20 फीसदी सेलरी बढ़ाने पर अड़े हैं। नौ दिन से मांगों को लेकर ये कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इस दौरान प्रशासन ने कर्मचारी यूनियन से तीन बात बैठक भी की। बात नहीं बनी तो अब प्रशासन सख्त रवैया अपनाने जा रहा है। नगर निगम आयुक्त जीसी नेगी का कहना है कि 21 सितंबर तक काम पर न लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्ती की जाएगी। उनकी सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त हो जाएंगी।
कर्मचारी बोले, नहीं टूटेगी हड़ताल
सफाई कर्मचारी यूनियन ने साफ कर दिया है कि जब तक 20 फीसदी सेलरी नहीं बढ़ेगी, वे काम पर नहीं लौटेंगे। यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि नौकरी से निकालने की प्रशासन की चेतावनी के बावजूद हड़ताल जारी रहेगी। सचिव अजीत कुमार ने कहा कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के चालक भी हमारे पक्ष में हैं और मांगें पूरी होने तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
पूरी तरह ठप हो सकती है सफाई व्यवस्था
शहर में कल से सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो सकती है। नगर निगम की ओर से गारबेज कलेक्शन में लगे वाहन चालकों ने भी 21 सितंबर से सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी दे दी है। हड़ताली सफाई कर्मचारियों के पक्ष में उतरे इन चालकों के काम ठप करने से शहर के गारबेज कलेक्शन सेंटरों से कूड़ा उठना भी बंद हो जाएगा। नगर निगम ने शहरवासियों को राहत देने के लिए हर वार्ड में वैकल्पिक गारबेज कलेक्शन सेंटर बनाए हैं। जिनसे रोज निगम की 25 गाड़ियां कूड़ा उठा रही हैं। लेकिन अब घरों के बाद इन सेंटरों से भी कूड़ा उठना बंद हो सकता है।
हड़ताल 10वें दिन भी जारी
सैहब कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार 10वें दिन भी जारी रही। एजीएम में 10 फीसदी वेतन बढ़ोतरी और नीति बनाने संबंधी आश्वासन मिलने के बावजूद कर्मचारी काम पर नहीं लौटे। कूड़ा न उठने से कई वार्डों में हालत बेहद खराब हो गई है। खलीणी, कनलोग, रुल्दूभट्टा, पंथाघाटी, कंगनाधार, विकासनगर, मशोबरा, समरहिल जैसे वार्डों में जगह जगह सड़कों पर कूड़ा बिखर गया है। जंगल में कूड़े के ढेर लग चुके हैं। लोअर बाजार और सब्जी मंडी में भी नालियां कूड़े से भर गई हैं। कुत्तों और बंदरों का आतंक बढ़ने के साथ साथ बीमारियां फैलने का भी खतरा पैदा हो गया है।
निगम की तैयारियां अधूरी
उधर, निगम प्रशासन ने कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की चेतावनी तो दे दी है लेकिन इनकी जगह कौन काम करेगा, इसकी कोई व्यवस्था नहीं की है। यदि कुछ कर्मचारी काम पर लौटते हैं तो बाकी की जगह निगम नए कर्मचारी तैनात कर देगा। लेकिन यदि ज्यादातर कर्मी नौकरी पर नहीं आते तो सफाई व्यवस्था आउटसोर्स कर दी जाएगी। लेकिन ये सब करने में काफी वक्त लग जाएगा। ऐसे में शहर में सफाई व्यवस्था और खस्ता हो जाएगी। उप महापौर राकेश शर्मा का कहना है कि हमने हड़ताल खत्म करने की हरसंभव कोशिश की है। लेकिन यदि कर्मचारी अब भी काम पर नहीं लौटते तो निगम सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का दूसरा तरीका अपनाएगा।