वोटिंग मशीन में गड़बड़ी को खत्म करने के लिए पहली बार विस चुनाव में वोटिंग मशीन के सीपीयू के साथ वीवी पेट (वोटर वेरिफिकेबल पेपर ऑडिट ट्रेल) अटैच होगा। ईवीएम से वोट डालने के बाद मतदाता सात सेकेंड तक इसकी स्क्रीन पर देख सकेगा कि उसने किसे वोट दिया।
इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत होने पर मतदाता फिर से वोट डाल सकेगा। इसके बावजूद यदि गड़बड़ी रहती है, तुरंत मशीन को बदल दिया जाएगा। यदि शिकायत गलत पाई गई तो शिकायतकर्ता के खिलाफ आईपीसी-177 में कार्रवाई होगी।
उपायुक्त ने कहा कि आम जनता को जागरूक करने के लिए वीवी पेट को कई स्थानों पर प्रदर्शित किया जाएगा। बाद में इस उपमंडल और बूथ स्तर पर ले जाकर लोगों को इसके इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी।
मंगलवार को उपायुक्त शिमला रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि 15 सितंबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक जिले में कुल 5,32,995 मतदाता सूची में शामिल किए जा चुके हैं। 16 से 19 सितंबर तक जिले में चार सौ से अधिक मतदाता नए शामिल हुए हैं।
बीएलओ के माध्यम से यह प्रक्रिया तीस सितंबर तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि ईपीओ जो 598 था, अब 609 प्रति हजार मतदाता अनुपात पहुंच चुका है। फोटो युक्त मतदाता सूचियां तैयार की गई हैं। उपायुक्त ने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए शोघी में फर्स्ट लेवल चैक चल रहा है।
जिले के 1028 बूथों के लिए 1446 मशीनें तैयार की जा रही हैं। इन सब मशीनों के साथ वीवी पेट लगाया जाएगा, जिससे मतदाता सुनिश्चित करेगा कि उसका वोट उसकी पसंद के उम्मीदवार को ही गया है।