नए निर्देशों के अनुसार अगर कोई भी व्यक्ति अपनी निजी जमीन पर कोई काम करना चाह रहा हो तो उसे ऐसे कार्य दिए जाएं। ये काम ऐसी सूरत में भी दिए जाएं, अगर वे 2021-22 की अप्रूव्ड शेल्फ में भी न हो।
कोविड संकट के बीच राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने प्रदेश के ग्रामीण बेरोजगारों के लिए रोजगार सृजन का अच्छा अवसर दिया है। विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी बेरोजगार अपनी जमीन पर काम मांगे तो उसे दे दिया जाए। इसके लिए पंचायत सचिवों, तकनीकी सहायकों और ग्राम रोजगार सेवकों के पास आवेदन किए जा सकेंगे। इस बारे में सभी बीडीओ को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली तमाम ग्राम पंचायतों को भी इसकी जानकारी दें।
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नए निर्देशों के अनुसार अगर कोई भी व्यक्ति अपनी निजी जमीन पर कोई काम करना चाह रहा हो तो उसे ऐसे कार्य दिए जाएं। ये काम ऐसी सूरत में भी दिए जाएं, अगर वे 2021-22 की अप्रूव्ड शेल्फ में भी न हो। ब्लॉक कार्यालयों में कम से कम लोग आएं। बसों, बाजार और गलियों में कम से कम भीड़ हो, इसके लिए कुछ निर्देशों की अनुपालना की जाए। जैसे कि पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवक ऐसी तमाम दरख्वास्तें पंचायत कार्यालयों में एकत्र करेंगे। ग्राम पंचायत की ओर से सभी संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। ऐसे तमाम मामलों का रिकार्ड दुरुस्त रखा जाएगा।
सामाजिक दूरी का पालन करने के भी निर्देश
मनरेगा के कामगारों को निर्देश जारी किए गए हैं कि इसके लिए छह फीट की सामाजिक दूरी बनाई जाए। घरों में बनाया मास्क पहनना जरूरी होगा। पानी और साबुन की भी व्यवस्था कार्यस्थल पर होनी चाहिए। इस संबंध में जो भी व्यय होगा, उसे मनरेगा प्रशासनिक फंड से नहीं, बल्कि अलग फंड से वहन किया जाएगा।