कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले ही तय किया था कि किन्नौर आने पर सीएम को काले झंडे दिखाए जाएंगे। प्रदेश में उपचुनाव की घोषणा होते ही आचार संहिता लगने से मुख्यमंत्री किन्नौर दौरे पर नहीं पहुंचे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के किन्नौर दौरे को लेकर उन्हें काले झंडे दिखाने के लिए खड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बवाल कर दिया। कार्यकर्ताओं ने काले झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच पुलिस बल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आपस में धक्कामुक्की भी हुई। कांग्रेस के आरोप हैं कि एक कार्यकर्ता से माइक और महिला कार्यकर्ता का मोबाइल छीन लिया। कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी देने की कोशिश की तो उन्हें बस में चढ़ने से रोका गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले ही तय किया था कि किन्नौर आने पर सीएम को काले झंडे दिखाए जाएंगे। प्रदेश में उपचुनाव की घोषणा होते ही आचार संहिता लगने से मुख्यमंत्री किन्नौर दौरे पर नहीं पहुंचे।
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इस पर विभिन्न क्षेत्रों से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ रिकांगपिओ बाजार में रोष रैली निकाली और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने भी धरना-प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया। दोनों और धक्कामुक्की हुई। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष उमेश नेगी ने कहा कि किन्नौर जिले में मुख्यमंत्री आना ही नहीं चाहते हैं। कार्यकर्ता शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस बेवजह तंग करने पहुंच गई है। पुलिस के अधिकारी सरकार के इशारे पर कार्य कर रहे हैं। किन्नौर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उमेश नेगी ने कहा कि कांग्रेस ने रैली निकालकर कानून का उल्लंघन नही किया है। कोर्ट ऑफ कंडक्ट लगने के बाद भी प्रशासन की ओर से पोस्टरों को नहीं हटाया गया है।