श्रद्धांजलि सभा में मनाली भाजपा मंडल की अंतर्कलह भी सार्वजनिक हुई। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर बैठक भी बुलाई जा रही है। इस मसले को मंत्री गोविंद सिंह के समक्ष रखा जा रहा है।
इधर, एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि सभागार के बाहर शोर सुनाई देने पर व्यक्ति को समझाया गया। मामला शांत होने पर लोग मौके से चले गए। श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे जिला भाजपा के कई पदाधिकारियों को मंच पर नहीं बुलाया गया।
इससे पदाधिकारियों में रोष है। अटल को श्रद्धांजलि देने के लिए दूर-दूर से लोग मनाली के अलेऊ पहुंचे थे। सभा के दौरान अनदेखी पर कई पदाधिकारियों में मायूसी रही।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि अटल जी की याद में कुछ ऐसा किया जाना चाहिए कि सभी को याद रहे। इसके लिए सभी के सुझाव आमंत्रित है। उन्होंने अटल की कविताएं पढ़कर उन्हें श्रद्घांजलि दी। कहा कि अटल दुनिया के आदर्श रहें।
सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि पूर्व पीएम वाजपेयी ने कवि, नेता, प्रधानमंत्री के रूप में देश को एक नई दिशा प्रदान की है। जिसे भूलाया नहीं जा सकता है। वहीं, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ने कहा कि पूर्व पीएम वाजपेयी को शांत वादियों पसंद थी।
मौहल रेस्ट हाउस में ब्यास नदी किनारे उन्हें कविताएं लिखना पसंद था। पहाड़ों के लिए अटल की देन प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना धरातल स्तर पर फायदेमंद साबित हुई है।
वहीं, स्थानीय ठाकुर दास ने कहा कि वाजपेयी प्रीणी पहुंचते स्थानीय लोगों को उनके आने की सूचना भेजते थे और खेद प्रकट करते थे कि उनके आने से लोगों को परेशानी होगी। सिक्योरिटी के कारण लोगों को परेशानी होने पर वह दुख जाहिर करते थे।
कांग्रेस नेता हरि चंद शर्मा ने भी श्रद्घांजलि सभा में पहुंचकर पूर्व पीएम स्व अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और श्रद्घांजलि दी। इसके बाद वह वापस लौटने लगे। लेकिन उन्हें सभागार में भाजपाइयों की तरफ से कुर्सी आफर करने पर वह रूक गए और सभा में शरीक हुए।