सोसायटी के तहत जोगिंद्रनगर में 2010 से शुरू हुए कॉलेज ऑफ आयुर्वेदिक फार्मास्यूटिक्ल साइंसेज में अध्ययन कर रहे विद्यार्थी कॉलेज की स्थापना से इसके सरकारीकरण की मांग करते आ रहे हैं। वर्तमान में संस्थान में 115 विद्यार्थी चार वर्षीय डिग्री कोर्स कर रहे हैं। हालांकि, सचिव आयुर्वेद इस सोसायटी के चेयरमैन और निदेशक मेंबर सचिव हैं, लेकिन सोसायटी के तहत आने के कारण इस संस्थान को सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल रहीं।
पिछले वर्ष जोगिंद्रनगर के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जनसभा में संस्थान का सरकारीकरण करने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद छात्र शिमला में भी सीएम से भेंट कर चुके थे। बैजनाथ जनसभा में भी मुख्यमंत्री की उपस्थिति में स्वास्थ्य मंत्री और विभाग के निदेशक के सामने अपनी मांग रखी, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने मामला मिल-बैठकर सुलझाने का आश्वासन दिया। बाद में छात्र पपरोला आयुर्वेदिक संस्थान में चले गए और रोष स्वरूप छात्रों ने मुख्यमंत्री की गाड़ी को रोकने की कोशिश।