हंगामे के बीच मेयर ने सदन दस मिनट के लिए स्थगित कर दिया। मेयर-डिप्टी मेयर सदन से बाहर चले गए। उधर, भाजपा पार्षद दंग थे। हंगामा करने वाले कांग्रेसी सदन में आराम से बैठ गए। भाजपा पार्षद शैलेंद्र चौहान ने कहा कि मेयर-डिप्टी मेयर ढाई साल बाद भी सदन नहीं चला पा रहे।
इस मुद्दे पर सदन से बाहर जाना जरूरी नहीं था। एक भी भाजपा पार्षद सदन से बाहर नहीं गया। भाजपा पार्षदों ने डिप्टी मेयर पर निगम की खबरें जिला प्रशासन तक पहुंचाने के भी आरोप लगाए।