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HP Assembly Budget Session: कटौती प्रस्ताव पर वोटिंग नहीं होने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में हंगामा, नारेबाजी

Tue, 27 Feb 2024 09:58 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मंगलवार दोपहर बाद जमकर हंगामा और नारेबाजी हुई। मामले ने उस समय तूल पकड़ा, जब भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कटौती प्रस्ताव पर डिविजन ऑफ वोट की मांग की। 
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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विपक्ष की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं पर लाए गए कटौती प्रस्ताव पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मंगलवार दोपहर बाद जमकर हंगामा और नारेबाजी हुई। मामले ने उस समय तूल पकड़ा, जब भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कटौती प्रस्ताव पर डिविजन ऑफ वोट की मांग की। इस बीच राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इसका विरोध किया। इसका विधायक परमार ने कड़े शब्दों में विरोध किया तो सत्ता पक्ष भी मुखर हो गया। इसको लेकर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।

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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कटौती प्रस्ताव पर अगर ध्वनिमत से स्पष्टता नहीं आए तो नियम कहता है कि इस पर मतदान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब भगवान भी इस सरकार को नहीं बचा सकता है। कांग्रेस नेताओं के इस्तीफे होने शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि कटौती प्रस्ताव विपक्ष की ओर से लगाए जाते हैं। इसमें भाजपा विधायकों को बोलने का अधिकार होता है। इस पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि जब कटौती प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी, हां में हां हुई तो डिविजन का क्या मतलब। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से इसमें रूलिंग दी गई है। इसके बाद भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि धक्काशाही से सदन को आगे बढ़ाया जा रहा है। नियमों में प्रावधान है। हमने भी इस सीट से रूलिंग दी है।

बातों से कंफ्यूज किया जा रहा है। इसी बीच राजस्व मंत्री सीट पर खड़े होकर विरोध करने लगे। ऐसे में परमार ने कहा-आप कौन होते हैं। जिस तरह से कहा जा रहा है, ये लोकतंत्र की हत्या है। इसी बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच करीब दस मिनट हंगामा और नारेबाजी होती रही।
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काेरम पूरा नहीं होने पर 2 बजे स्थगित हुआ सदन
भोजन अवकाश के बाद विधानसभा अध्यक्ष 2 बजे सदन में पहुंचे। इस बीच सदन में सत्ता और विपक्ष के विधायक मौजूद नहीं थे। विधानसभा अध्यक्ष ने कोरम पूरा होने तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। इसी बीच विपक्ष के विधायक एक साथ सदन में आए। ऐसे में विपक्ष की ओर से कहा गया कि सत्ता पक्ष के विधायक कहां हैं। विधानसभा अध्यक्ष भी नहीं हैं। बाद में सत्ता पक्ष के विधायक भी आ गए। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में आकर कार्यवाही को शुरू किया।

राजस्व मंत्री जगत सिंह के साथ की बदतमीजी : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा के विधायक कोरम पूरा नहीं करते हैं। सदन में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर को बोलने का पूरा मौका दिया गया। उन्होंने आपने बात रखी। जब राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी बात रख रहे थे तो उनके साथ विपक्ष के विधायकों ने बदतमीजी की, जो ठीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष की ओर से व्हिप जारी किया गया था। जो विधायक नहीं थे, इसके बारे में पार्टी सोचेगी। विपक्ष के पास बहुमत नहीं था। सदन में सत्ता पक्ष के विधायक ज्यादा थे, विपक्ष के 25 विधायक थे। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं पर लगाए गए कटौती प्रस्ताव पर 20 विधायकों ने चर्चा में भाग लिया। विधानसभा अध्यक्ष ने संख्या बल ज्यादा देखते हुए वाइस वोटिंग की। अध्यक्ष ने सदन में बहुमत देखकर ही वाइस वोटिंग की है। सदन में बैठे कांग्रेस विधायकों का नंबर ज्यादा है। विपक्ष ने आसन तक को नहीं छोड़ा है। नारेबाजी करते बाहर आए सत्ता पक्ष के विधायक, मंत्रीसदन में हंगामे और नारेबाजी के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू समेत सत्ता पक्ष के विधायक नारेबाजी करते हुए बाहर आए। सत्ता पक्ष के विधायक ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि सदन में धमकाने की कोशिश की गई। मंत्री के साथ भाजपा विधायकों ने बदतमीजी की है।

सदन में जो कुछ हुआ, वह काले अक्षरों में लिखा आएगा : जयराम
 नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन में आज जो कुछ भी हुआ, उस अध्याय को अक्षरों में लिखा जाएगा। विपक्ष वाइस वोटिंग सबकुछ नहीं है। सदन के भीतर सत्ता पक्ष के कम, जबकि विपक्ष के ज्यादा विधायक थे। ऐसे में डिविजन ऑफ वोट की मांग की गई। इसी बीच सदन की कार्यवाही को अगले दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष के विधायक भी थे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। सदन में उनका संख्या बल ज्यादा था। आज सरकार गिरनी थी। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि सदन में सत्ता पक्ष की ओर से नारेबाजी शुरू की गई। कटौती प्रस्ताव विपक्ष का अधिकार होता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के विधायक इस मामले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष से भी मिलने जा रहे थे, लेकिन उन्हें मिलने से इनकार कर दिया। काफी समय तक वह अध्यक्ष के चैंबर के बाहर खड़े रहे। ....

मार्शल ने पकड़ा गला, महिला विधायक से किया दुर्व्यवहार
जयराम ठाकुर ने कहा कि जब वह अध्यक्ष के चैंबर में जा रहे थे तो मार्शल ने उन्हें रोक दिया। कहा कि भीतर जाने के लिए मना किया गया है। ऐसे में मार्शल ने भाजपा के वरिष्ठ विधायक विपिन सिंह परमार का गला पकड़ा। उन्हें दिखाने के लिए डॉक्टर बुलाया गया है। वहीं महिला विधायक से भी दुर्व्यवहार किया गया।

 

आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात होंगे विशेषज्ञ डॉक्टर
हिमाचल में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोला जाएगा। संस्थानों में मरीजों को एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्सरे सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात होगी, ताकि किसी एक विशेषज्ञ के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। मंगलवार को विधानसभा में लाए गए कटौती प्रस्ताव का उत्तर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती और 100 से ज्यादा बिस्तर होंगे। इससे मेडिकल कॉलेजों में मरीजों का भार घटेगा। मरीजों की स्वास्थ्य जांच के लिए लैब भी स्थापित की जाएंगी, जहां 134 तरह के टेस्ट होंगे। इन संस्थानों में उपकरणों के लिए 1 करोड़ रुपये प्रति संस्थान उपलब्ध करवाए जाएंगे, जरूरत पड़ी तो अधिक धनराशि भी देंगे। सरकार ने पेरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ के पद भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीएचओ के 530, नर्सों के 622, ओटीए के 136, काउंसलर के 57 सहित अन्य 25 पद भरे जाएंगे। दो हफ्तों में लंबित अदायगियां निपटा ली जाएंगी। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एयर एंबुलेंस को बढ़ावा देने का फैसला लिया गया है। अस्पताल भवनों पर अथवा नजदीकी जगहों पर हेलीपेड बनाएं जाएंगे।
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स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आर्मी की तरह दोहरी तैयारी रहेगी
शांडिल ने बताया कि हिमाचल में बन रही दवाओं के सैंपल फेल होने के मामलों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। पूर्व सैन्य अधिकारी होने के नाते हमें गोली चलाना और गाड़ी चलाना दोनों सिखाया जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आर्मी की तरह दोहरी तैयारी रहेगी। शांडिल ने विपक्ष से आग्रह किया कि विस्तृत जानकारी देने के बाद अब कटौती प्रस्ताव वापस लिया जाना चाहिए। विपक्ष ने कटौती प्रस्ताव पर वोटिंग की मांग उठाई और भाजपा विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। मंत्री जी आप खुल कर खेलो : विधानसभा अध्यक्षस्वास्थ्य मंत्री जिस समय कटौती प्रस्ताव का उत्तर दे रहे थे तो भाजपा पार्षदों ने उन्हें यह कहते हुए बैठने के लिए कहा कि हम आपके उत्तर से संतुष्ट हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठाानिया बोले, मंत्री जी आप खुलकर खेलो, आपके पास पूरा समय है। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अपना वक्तव्य पूरा किया।
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