फोरलेन विस्थापितों की समस्याओं से संबंधित फाइल मुख्यमंत्री ऑफिस से गायब होने का मामला सामने आया है। सूचना के आधार से मिली जानकारी से मुख्यमंत्री कार्यालय की बड़ी खामी उजागर हुई है। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन विस्थापितों और प्रभावितों ने 372 पेज की शिकायत मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को भेजी थी।
विस्थापितों ने मांगों को लेकर यह पत्र 11.7.2017 को भेजा था। मगर इस संबंध में जब सूचना के अधिकार के तहत सीएम ऑफिस से पूछा गया कि सरकार ने शिकायत पर क्या कार्रवाई की ? तो सीएम ऑफिस से जवाब मिला कि आपकी शिकायत सीएम कार्यालय में नहीं मिल रही है।
ऐसे में बड़ा सवाल है कि बड़ा सवाल यह भी है कि मुख्यमंत्री ऑफिस से 372 पेजों का शिकायत पत्र किसने गायब किया? फोरलेन विस्थापित समिति के महासचिव मदनलाल शर्मा का कहना है कि सरकार के आदेश पर उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी। इसमें लोगों की शिकायतें सुनी गई।
इस मौके पर लोगों ने लिखित शिकायतों के अलावा प्रशासन को मौखिक रूप से भी विभिन्न समस्याओं के बारे में अवगत करवाया था। इसके बाद समिति ने कमेटी की पूरी रिपोर्ट की कॉपी उपायुक्त ऑफिस को प्राप्त करने के बाद कार्रवाई के लिए सीएम कार्यालय अलग से 11.7.2017 को भेजी थी।
मगर जब इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई इस संबंध में सीएम कार्यालय से पूछा गया तो वहां पत्र संख्या सेक्शन अफसर/सीएम-सी-489172 के तहत जवाब आता है कि आप की शिकायत सीएम नहीं है।
समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि कैसे शिकायत सीएम ऑफिस में नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री ऑफिस में इतनी लापरवाही बरती जा रही है तो अन्य सरकारी कार्यालयों के क्या हाल होंगे? उन्होंने कहा कि अगर इसी प्रकार शिकायतें गायब होती रही तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा।