हिमाचल में जानलेवा बुखार डेंगू ने दस्तक दे दी है। सोलन के औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में तीन मामले सामने आए हैं। दो ग्रामीण और एक शहरी क्षेत्र में मामला सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू पैदा होने वाले संभावित क्षेत्रों की तलाश शुरू कर दी है।
प्रभावित क्षेत्रों में दवा के छिड़काव के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने शुक्रवार से टीमों का गठन कर लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया है। डेंगू के दो मामले परवाणू के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्र कामली में और एक मामला परवाणू के सेक्टर-3 में सामने आया है। इन दिनों परवाणू क्षेत्र में रोजाना बारिश हो रही है।
जगह-जगह एकत्रित पानी डेंगू को बुलावा दे रहा है। परवाणू शहर में वर्ष 2015 और 2016 में डेंगू के सैकड़ों के मामले सामने आए थे। अब फिर मामले आने से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की पोल खुल गई है। सहायक आयुक्त परवाणू शिल्पी बेक्टा ने माना कि तीन मामले सामने आए हैं। डेंगू से निपटने के लिए नगर परिषद और अन्य विभागों को निर्देश दिए गए हैं।
डेंगू के लक्षण
मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है। सामान्य बुखार की तुलना में डेंगू ज्यादा पीड़ादायक है। डेंगू होने पर सिरदर्द, जोड़ों पर दर्द, तेज ठंड लगकर बुखार के साथ चिड़चिड़ापन होने लगता है।
भूख कम लगती है। डेंगू बुखार से रोगी की त्वचा ठंडी पड़ जाती है। उल्टी और दस्त शुरू हो जाता है। शरीर पर लाल-गुलाबी चकते भी पड़ जाते हैं। डेंगू के लक्षण 3 से 14 दिन बाद दिखते हैं। डेंगू कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को आसानी से हो जाता है।