जिंदल ने बताया कि चूंकि संक्रमण के मामलों के बढ़ने के साथ ही टेस्ट सैंपल संख्या में भी वृद्धि हुई है। साथ ही क्षमता को बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई थी। इसी वजह से आईजीएमसी और टांडा में लैब के संचालन के लिए अतिरिक्त जगह मुहैया कराने को कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश के आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कोविड टेस्ट के सैंपलों की जांच के लिए एक-एक आरटीपीसीआर मशीन और ऑटोमेटेड आरएनए एक्सट्रैक्टर लगाया जाएगा। शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने आईजीएमसी स्थित आरटीपीसीआर लैब का दौरा करने के बाद यह आदेश जारी किया। जिंदल ने बताया कि चूंकि संक्रमण के मामलों के बढ़ने के साथ ही टेस्ट सैंपल संख्या में भी वृद्धि हुई है।
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साथ ही क्षमता को बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई थी। इसी वजह से आईजीएमसी और टांडा में लैब के संचालन के लिए अतिरिक्त जगह मुहैया कराने को कहा गया है। अतिरिक्त मशीनों के साथ राज्य सरकार ने लैब के लिए 29 अतिरिक्त कर्मियों को लगाने की अनुमति दे दी है, ताकि जांच जल्द हो और टेस्ट रिपोर्ट संबंधित व्यक्ति को मिलने पर पॉजिटिव आने की सूरत में वह तत्काल आइसोलेट हो सके।
मंडी के खलियार में 200 बेड का मेकशिफ्ट अस्पताल जल्द
जिला मंडी के राधा स्वामी सत्संग ब्यास आश्रम खलियार में 200 बिस्तरों का मेकशिफ्ट कोविड अस्पताल 15 मई तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस अस्पताल में हर बेड पर सेंट्रल ऑक्सीजन सुविधा के जरिए ऑक्सीजन सप्लाई दी जाएगी। भंगरोटू में भी 108 बिस्तरों का मेकशिफ्ट अस्पताल अगले सप्ताह शुरू हो सकता है।