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आरएसएस के संघचालक बोले- विश्व को हिंदू संस्कृति ने ही सिखाई जीने की कला

Sun, 26 May 2019 06:17 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालीचौकी (मंडी)
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- फोटो : अमर उजाला
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हिंदू संस्कृति को रूढ़िवादी कहने वाले ये भूल जाते हैं कि इस विश्व को जीवन जीने की कला इसी संस्कृति ने सिखाई है। बालीचौकी में पथ संचलन कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक और हिमाचल प्रदेश प्रांत विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष लेखराज राणा ने यह बात कही।

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बालीचौकी खंड के 250 स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। राणा ने कहा कि 1925 में डॉ. हेडगेवार ने संघ की स्थापना इस उद्देश्य से की थी कि विकट परिस्थितियों से घिरे हिंदू समाज को उसके शौर्य से परिचित करवाया जाए और भावी पीढ़ियों के लिए एक मजबूत संगठन की परिकल्पना को अमलीजामा पहनाया जा सके। डॉ. हेडगेवार की परिकल्पना का परिणाम आज यह है कि राजनीति में हिंदू विरोधी नेता भी वर्तमान में कट्टर हिंदू साबित होने की होड़ में हैं। 
हमारे समाज में छुआछूत की बीमारी जस की तस है। स्वयंसेवकों को वर्तमान में छुआछूत और अस्पृश्यता को लेकर लड़ाई लड़नी होगी। गिरिवासी और वनवासी समाज को भी हिंदू समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के प्रयास करने होंगे। संघ के मंडी विभाग कार्यवाह किशोर, बंजार जिला कार्यवाह राजमल चौहान व बालीचौकी खंड के संघचालक टेकचंद भी उपस्थित रहे।

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