इनमें साप्ताहिक मिलन कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। कई स्थानों में माह में एक बार मिलन कार्यक्रम किए जा रहे है। कई गांवों में पत्रिका के माध्यम से संघ के विचार पहुंचाए जा रहे हैं। वर्ष 2024 कर सभी 56 हजार मंडलों में संघ के कार्यक्रमों को चलाया जाएगा।
इंटरनेट के माध्यम से भी संघ लोगों के संपर्क में हैं। ऑनलाइन सदस्य भी बनाता है। हिमाचल में कुल 755 शाखाएं हैं। कहा कि संघ के 40 फीसदी सदस्य सेवा भाव से कार्य करने को आते हैं। 2.5 फीसदी स्वार्थ के लिए जुड़ते हैं।
शेष संघ के अन्य संगठनों की गतिविधियों में भूमिका निभाते हैं। मंदिरों, श्मशानघाटों और जल स्रोतों में कोई बंदिश नहीं होनी चाहिए। संघ ने तेलंगाना में 700 गांवों का सर्वे किया और 250 गांवों में इन तीन समस्याओं को दूर किया गया।
रार्ष्र्टीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ने कहा, देश में विदेशी फंड आने से रुकने के बाद भारत में धर्मांतरण रुका है। देश जनजातीय क्षेत्रों में बनवासी आश्रम चलाकर भी धर्म परिवर्तन पर रोक लगी है। उनका कहना है कि एक लाख लोगों की एक साल में घर वापसी हुई है।