उदाहरण के लिए अगर किसी योजना के लिए एक करोड़ मंजूर हुआ है तो उन्हें अपलोड करना होगा। 30 या 40 लाख रुपये कितनी अवधि में कहां खर्च किए, यह भी बताना होगा। यह भी स्पष्ट करना होगा कि अगर पैसा खर्च नहीं हो रहा तो उसमें अड़चन क्या है। ये सारा मामला संबंधित विधायक के ध्यान में रहेगा।
डॉ. बिंदल ने कहा कि हिमाचल के ई-विधान मॉडल को देश के ज्यादातर राज्य लागू करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष और भारत सरकार के स्तर पर सभी राज्यों को इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं। संसदीय कार्य मंत्रालय ने भी हिमाचल से सभी विधानसभा अध्यक्षों और सचिवों को प्रशिक्षण देने की संस्तुति मांगी है, जिसे दे दिया गया है।
इसी कड़ी में 21, 22 और 23 सितंबर को सात राज्यों के प्रतिनिधियों को एक साथ प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में पंजाब, हरियाणा, जेएंडके, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश शामिल होंगे। हिमाचल में ई-विधान राष्ट्रीय अकादमी को भी सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।