श्रीनयना देवी वन रेंज में अवैध खैर कटान मामले में विजिलेंस ने जांच लगभग पूरी कर ली है। विजिलेंस ने पाया है कि इस रेंज में करीब 33 करोड़ रुपये कीमत के 18 हजार से अधिक खैर के पेड़ काटे गए हैं। जांच से पहले भी वन विभाग सैकड़ों पेड़ों की डैमेज रिपोर्ट काट चुका है।
इस मामले में वन खंड कोट और सलोआ में हुए कटान की एफआईआर पहले ही हो चुकी है। विजिलेंस ने जांच पूरी कर सरकार को पत्र लिख कर पूछा है कि भाखड़ा, ग्वालथाई, बड़ोह और बस्सी में हुए कटान की एफआईआर अलग से की जानी है या पहले दर्ज एफआईआर में मर्ज करनी है।
गौरतलब है कि 25 फरवरी, 2018 के अंक में अमर उजाला ने श्रीनयना देवी में हुए अवैध कटान मामले का खुलासा किया था। इसके बाद 25 फरवरी को विजिलेंस ने पहली एफआईआर दर्ज की थी।
अब जांच लगभग पूरी हो चुकी है। अगर जांच आगे भी पूरी निष्पक्षता से होती है तो मामले में वन विभाग के बड़े अफसरों के अलावा राजनीति में रसूख रखने वाले कई लोग भी लपेटे में आ सकते हैं।