बादल फटने, बाढ़ और भारी बारिश से प्रदेश में अभी तक 800 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। मुख्यमंत्री सुक्खू रविवार दोपहर को शिमला से चंडीगढ़ के लिए रवाना होंगे। सोमवार सुबह चंडीगढ़ से हवाई मार्ग से होते हुए मुख्यमंत्री दिल्ली जाएंगे। मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कुछ अन्य मंत्रियों से मुलाकात करना प्रस्तावित है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात में प्रदेश के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की जाएगी। वित्त मंत्री से राज्य के प्रतिकूल हालात को देखते हुए ऋण सीमा को बढ़ाने की मांग रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री का 16वें वित्तायोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया से भी मुलाकात करना प्रस्तावित है। पनगढि़या के साथ मुख्यमंत्री प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चर्चा करेंगे। डा. अरविंद पनगढ़िया से मुख्यमंत्री सुक्खू राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) राशि में हुई कटौती का मामला उठाएंगे। प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 11,431 करोड़ रुपये आरडीजी ग्रांट मिली थी। वित्तीय वर्ष, 2025-26 में यह घटकर 3,257 करोड़ रुपये रह गई है। ऐसे में अगले वित्तायोग की सिफारिशों में इस घाटे की भरपाई की मांग की जाएगी।
लोनिवि मंत्री ने सड़कें बहाल करने के कार्य की रोजाना समीक्षा के दिए निर्देश
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि राहत कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए सबसे पहले सड़कें बहाल होना अनिवार्य है। लोक निर्माण विभागके आला अधिकारियों को सड़कें बहाल होने के कार्य की रोजाना समीक्षा कर उन्हें रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विक्रमादित्य ने बताया कि इस राशि से टिपर और जेसीबी मशीनों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही डंगे लगाने और नालियां बनाने में भी पैसा खर्च होगा। विक्रमादित्य ने कहा कि आपदा इतनी बड़ी है कि राहत कार्यों के लिए बहुत अधिक धन की आवश्यकता है। इसलिए जल्द ही वह केंद्रीय मंत्रियों से मिलने दिल्ली जाएंगे और आपदा को देखते हुए प्रदेश के लिए राहत पैकेज जारी करवाने का प्रयास करेंगे।